अभिभावकों ने मांग रखी, कि स्कूल प्रबंधन उनके सवालों के जवाब दें। स्कूल प्रबंधन के इनकार पर अभिभावकों के गुस्से के आगे गार्डों की एक न चली और आक्रोशित अभिभावक स्कूल के अंदर आ गए तो प्रबंधन उन्हें ऑडिटोरियम में ले आया। यहां प्रधानाचार्या से घटना के बारे में लोगों ने स्पष्टीकरण मांगा। अभिभावकों के तीखे सवालों के जवाब देने में प्रधानाचार्या रेणु चतुर्वेदी असमर्थ दिखीं। प्रधानाचार्या ने मामले पर दुख व्यक्त किया, लेकिन सीसीटीवी का जिक्र करते हुए स्वीमिंग पूल में वारदात से इनकार किया।
‘प्रत्येक दिन सीसीटीवी चेक कौन करेगा’ कहने पर भड़के अभिभावक
प्रधानाचार्या से वार्तालाप में लोगों ने जब प्रत्येक दिन सीसीटीवी चेक करने की बात की तो प्रधानाचार्या ने प्रत्येक दिन सीसीटीवी चेक न हो पाने की बात कही। इस पर अभिभावक भड़क गए और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कराने और प्रधानाचार्या की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। अभिभावकों का आक्रोश देखकर प्रधानाचार्या को वहां से खिसक गईं।
डीपीएस प्रबंधन के खिलाफ मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
वारदात के विरोध में अभिभावकों समेत गोल्डन फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष देवेंद्र टाइगर, शिक्षा अधिकार आंदोलन के प्रतिनिधि एके सिंह के नेतृत्व में संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराने के लिए सीएम के नाम जिला प्रशासन में ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिलाधिकारी के न मिल पाने पर लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट गुंजा सिंह को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मांग की गई यदि स्कूल प्रशासन भी दोषी है तो उस पर भी मामला दर्ज कार्रवाई हो।
जिला प्रशासन की कमेटी ने शुरू की जांच
ग्रेटर नोएडा के दिल्ली पब्लिक स्कूल में मासूम के साथ दुष्कर्म के मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई पांच सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। कमेटी का कहना है कि जांच में सुरक्षा को लेकर मिलने वाली खामियों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डीएम 17 जुलाई को नोएडा में और 19 जुलाई को ग्रेटर नोएडा के कलेक्ट्रेट में स्कूलों की सुरक्षा को लेकर बैठक बुलाई है। इसके अलावा स्कूलों में सुरक्षा के मानकों की जांच के लिए अलग से बनी कमेटी को और भी सक्रिय किया जाएगा।