डीपीएसजी, मेरठ रोड स्कूल प्रबंधन ने आखिरकार पैरेंट्स की मांगें मान लीं। सोमवार सुबह 5.15 पर करीब 400 से ज्यादा पैरेंट्स स्कूल के तीनों गेटों के बाहर बैठ गए। पैरेंट्स ने स्कूल से एक भी बस बाहर नहीं जाने दी।
चार घंटे से ज्यादा समय तक डटे रहे पैरेंट्स ने चिमटा बजाकर भजन-कीर्तन करके विरोध जताया। इसके बाद पैरेंट्स एसोसिएशन और स्कूल प्रबंधन के साथ सीओ और सिटी मजिस्ट्रेट ने बैठक की।
बैठक में तय हुआ कि प्रबंधन 20 अगस्त तक ट्रांसपोर्ट और बढ़ी फीस जमा कराने का दबाव नहीं बनाएगा। यदि तय समय पर हाईकोर्ट का फैसला नहीं आता है तो पैरेंट्स 21 अगस्त को बढ़ी फीस जमा करेंगे।
पैरेंटस के समर्थन में भाजपा महिला मोर्चा की सदस्याओं ने भी धरना दिया। गेट पर जमे पैरेंट्स तालियां और चिमटा बजाकर राधे-राधे, श्याम राधे भजन गाते रहे।
इस बीच स्कूल प्रबंधन की तरफ से प्रिंसिपल ज्योति गुप्ता व डायरेक्टर रिटायर्ड कर्नल रतनवीर सिंह के साथ पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, सीओ सेकेंड रणविजय और सिटी मजिस्ट्रेट आशुतोष कुमार ने बैठक की।
एसोसिएशन के सदस्य आशीष कुमार व विपिन गर्ग ने बताया कि प्रबंधन ट्रांसपोर्ट सुविधा 20 अगस्त तक यथावत बनाए रखेगा। इस बीच बच्चाें और पैरेंट्स पर फीस जमा कराने का दबाव नहीं होगा।
हाईकोर्ट का फैसला यदि 20 अगस्त तक नहीं आता है तब पैरेंट्स पेनाल्टी (150 रुपये) के साथ बढ़ी फीस जमा कराएंगे। साथ ही पैरेंट्स की ओर से सोशल साइट पर स्कूल के खिलाफ डाले गए कमेंट और व्हाइट पेपर को हटाया जाएगा। सोमवार को हुए टेस्ट में न पहुंचने वाले बच्चों का टेस्ट बाद में लिया जाएगा। बस न पहुंचने पर कुछ पैरेंट्स अपने वाहन से बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे।