नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क से संसद तक जारी संग्राम बुधवार को और तेज हो गया। दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान दो जगह हुए पथराव में दो सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) समेत छह पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस व आरएएफ ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं।
सीआरपीएफ और आरएएफ की 24 कंपनियां बुलाईं
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री आवास की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। वहीं, सीआरपीएफ व उसकी विशेष इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 24 कंपनियां भी दिल्ली बुला ली गई हैं।
वांगचुक ने नड्डा-जितेंद्र को लिखा पत्र, कहा-
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि केंद्र सरकार अगर प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं पर कोई दंडात्मक कानूनी कार्रवाई न करने का भरोसा दे, तो वे अनशन खत्म कर देंगे। वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में यह बात कही।
नड्डा के घर पर वार्ता नहीं: सीजेपी
सीजेपी ने कहा कि वह सरकार से बातचीत के लिए तैयार है, पर वार्ता किसी मंत्री के घर या दफ्तर में होने के बजाय जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर हो। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पुलिस ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आवास पर वार्ता के लिए बुलाया है। मगर, हमने किसी के घर जाने से मना कर दिया।