इसके बावजूद रोहित व ऋषभ छिपाकर मोबाइल ले गए थे। रोहित के कहने पर ऋषभ ने पेपर का फोटो खींच व्हाट्स एप पर ट्य़ूटर तौकीर को भेज दिया था। ऐसा करके रोहित व ऋषभ मोटी रकम कमाना चाहते थे।
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि प्रिंसीपल प्रवीण कुमार को पैसे के लिए पेपर स्कूल से बाहर भेजने की जानकारी नहीं थी। यही कारण है कि पुलिस ने अब तक प्रिंसीपल व कमेटी के सदस्यों को गिरफ्तार नहीं किया है।
एसआईटी के एक वरिष्ष्ठ सदस्य ने बताया कि मदर खजानी स्कूल को लेकर जल्द ही सीबीएसई को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि स्कूल के खिलाफ कार्रवाई हो सके। स्कूल ने सीबीएसई की गाइडलाइंस का उल्लंघन किया है।
रोहित और ऋषभ ने ट्यूटर तौकीर को व्हाट्स एप पर अर्थशास्त्र का पर्चा भेजा था। उसने इसे आगे कई छात्रों को भेजा था। तौकीर ने पेपर देने की एवज में छात्रों से 60 हजार रुपये ले लिए थे। उसने ऋषभ को मात्र 25 हजार रुपये दिए। बाद में पर्चा लीक होने के कारण छात्रों ने तौकीर को पैसे देने से मना कर दिया था।