pankaj udhas
पंकज उधास ने एक बार खुद बताया था कि वह आज भी अपने हर कॉन्सर्ट से पहले हनुमान चालीसा जरूर पढ़ते हैं। उन्होंने ये भी बताया था कि वह कॉन्सर्ट करते-करते श्रोताओं का टेस्ट इतना पकड़ चुके हैं कि अब वह जान जाते हैं कि लोग कौन सा गाना सुनना चाहते हैं और सेलेक्टेड गानों को बदलकर लोगों के मूड के हिसाब से चीजें तुरंत तय कर लेते हैं। 'चांदी जैसा रंग है तेरा' और 'चिट्ठी आई है' जैसे सदाबहार गजलें गा चुके पंकज कहते हैं कि हर देश, शहर, राज्य के श्रोता अलग तरह के होते हैं ऐसे में उन्हें क्या चाहिए मैं उसके हिसाब से परफॉर्म करता हूं।