शादी में अगर बैंड, बग्गी और डोली आती है, तो ऐसी शादियों का बहिष्कार किया जाएगा। न कोई खाना खाने जाएगा और न ही कोई बारात में जाएगा। यह फैसला दादरी के मेवाती समाज ने लिया है, ताकि शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची को रोका जा सके।
वहीं मेवाती समाज ने युवाओं को नशे की आदत से बचाने का भी फैसला लिया है। जिला प्रशासन से एक अभियान शुरू करने की अपील करेंगे।
सोमवार को पीपल वाली मस्जिद में मेवाती समाज के लोगों ने पंचायत की। पंचायत में समाज में फैल रही बुराइयों पर चर्चा की गई। पंचायत ने शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची और अन्य बुराइयों को रोकने का फैसला लिया है। लोगों ने बताया कि अगर किसी शादी में बैंड, डोली या बग्गी होगी, तो उसका बहिष्कार किया जाएगा।
समाज का कोई भी व्यक्ति उस शादी में शामिल नहीं होगा। कोई भी उस शादी में खाना खाने नहीं जाएगा और बारात में भी शामिल नहीं होगा। मेवाती समाज दादरी के अंदर ही गरीब बहन-बेटियों का निकाह कराएगा।