उन्होंने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उसकी विधवा पेंशन बंधवाने के बहाने गांव जैतलका निवासी मजीद अक्सर उसके पास आता-जाता था। इसी दौरान दोनों के अवैध संबंध हो गए। महिला को कुछ दिन पहले पेट में दर्द होने पर सास उसे पिनगवां अस्पताल में इलाज के लिए ले गई। जहां जांच में पता चला कि महिला गर्भवती है।
परिवार को घटना की जानकारी होने के बाद इसकी एक शिकायत महिला थाना नूंह में दी गई। मामला दर्ज होने से पहले ही गांव जैतलका में 16 मार्च को पंचायत बुलाई गई जिसमें गांव जैतलका, लुहिंगा कलां, नीमका सहित एक दर्जन गांवों के प्रमुख लोगों की पंचायत हुई। पंचायत ने महिला और आरोपी दोनों पक्षों को सुना तो मामला सही पाया गया।
सात बच्चों का पिता है मजीद
सात बच्चों के पिता 60 वर्षीय आरोपी मजीद के सामने पंचायत ने दो विकल्प रखे। या तो वह महिला से शादी कर ले या फिर वह कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार हो जाए। आखिरकार मजीद पंचायत के सामने सरेंडर करते हुए पीड़ित महिला के साथ शादी करने को राजी हो गया। पंचायत के प्रमुख लोगों ने 19 मार्च को नूंह में पहले निकाह कराया, बाद में अदालत से कोर्ट मैरिज कराई।
कोर्ट मैरिज पर हसन मोहम्मद, बसीरा, साहब खां, हाकम, हिम्मत, जुहरू, आमीन, शकील, रफीक, जाकिर और पूर्व सीआईडी इंस्पेक्टर मोहम्मद यूनुस खान सहित कुल 11 प्रमुख लोग गवाह बने हैं। निकाह के दौरान महिला का पिता और परिजन भी मौजूद रहे।