पुन्हाना।
जमालगढ़ गांव में रविवार को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ विशेष पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में गांव के गणमान्य नागरिकों, पंच-सरपंचों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर नशाखोरी, शराब, जुआ, सट्टा और अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने पर मंथन किया। बैठक में सर्वसम्मति से एक कमेटी का गठन किया गया, जो गांव में इन बुराइयों पर रोक लगाने के लिए काम करेगी। साथ ही ऐसी बुराइयों में संलिप्त लोगों पर आर्थिक दंड सहित सामाजिक बहिष्कार पर निर्णय लेगी। पंचायत को संबोधित करते हुए मौलाना इदरीस खान ने कहा कि समाज में बढ़ रही सामाजिक बुराइयों का सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं पर पड़ रहा है। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ी को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सुधार के लिए गांव स्तर पर जागरूकता और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। मौलाना इदरीस खान ने बताया कि गठित कमेटी नशे, जुए, सट्टे और अन्य गलत गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान करेगी। पहले ऐसे लोगों को समझाकर मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बावजूद यदि वे अपनी गतिविधियां नहीं छोड़ते हैं तो कमेटी सामूहिक रूप से आगे की कार्रवाई का निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि समाज में अक्सर गरीब और अमीर दो वर्ग होते हैं। कई बार गरीब लोगों पर आसानी से कार्रवाई हो जाती है, जबकि प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के कारण सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती। इस बार कमेटी में सभी वर्गों के लोगों को शामिल किया गया है, ताकि बिना किसी भेदभाव के सामाजिक सुधार का अभियान चलाया जा सके। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि गांव जमालगढ़ को नशा, जुआ, सट्टा और अन्य सामाजिक बुराइयों से मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे तथा इसे एक आदर्श गांव बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।