ट्रेन हादसे का इस कदर असर हुआ कि लोग आधी रात तक अपने घर नहीं पहुंच पाए। सैकड़ों की संख्या में यात्री बल्लभगढ़, सीकरी, गदपुरी, पृथला और बघौला में आधीरात तक वाहनों के इंतजार में खड़े रहे।
सबसे ज्यादा परेशानी मथुरा और आगरा जाने वाले यात्रियों को हुई। यही नहीं पलवल के लोकल यात्री तो ऑटो, टैंपो और ट्रकों में बैठकर घर पहुंचे।
मंगलवार को ईएमयू और हरिद्वार एक्सप्रेस के बीच हुई भिडंत के चलते रेलवे ने पलवल और मथुरा जाने वाली शटल गाड़ियों को बल्लभगढ़ तक ही चलाया था। ऐसे में यात्री बल्लभगढ़ स्टेशन पर उतरकर रोडवेज पकड़ने के लिए सड़क पर आ गए थे।
डिपो के बाहर सैकड़ों की संख्या में यात्रियों की लाइन लगी रही। साधनों के अभाव में यात्री आधीरात तक खड़े रहे। यूपी, हरियाणा और राजस्थान की जो बसें दिल्ली से आ भी रही थी, वह इतनी भरी होती थी कि उसमें चढ़ना मुश्किल हो रहा था।
मंगलवार की रात बल्लभगढ़ डिपो के बाहर यात्रियों की भीड़ इस कदर थी कि दिल्ली से आने वाले यूपी और राजस्थान डिपो के बस चालक वहां बस रोकने से बच रहे थे। बल्लभगढ़ के यात्रियों को अड्डे से पहले ही उतारकर निकल जा रहे थे।