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राष्ट्रीय धरोहर घोषित हुआ एक प्राचीन थाना

Tue, 27 May 2014 05:50 PM IST
भगत सिंह डागर/अमर उजाला, पलवल
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प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के गवाह हथीन का पुलिस थाना राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया गया है। कस्बा हथीन के बीचोंबीच बने इस थाने का रखरखाव पुरातत्व विभाग करेगा। हथीन पुलिस स्टेशन के निर्माण की गाथा भी पुलिस के ढांचा गत निर्माण के समकालीन है।
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पुलिस बल का गठन 1834 में सिंध (पाकिस्तान) के अंदर किया गया था। लेकिन मेवात के कस्बा तावडू का पुलिस स्टेशन 1831 में और हथीन पुलिस स्टेशन 1836 में बनाया गया। इन पुलिस स्टेशनों के निर्माण के दौरान यह हिस्सा पंजाब सूबे के जिला दिल्ली के अंदर था।

हथीन और तावडू पुलिस स्टेशनों को विभाग ने राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया है। इनके रखरखाव और संवारने की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग को सौंप दी है। पुरातत्व विभाग भी जल्द ही इसे सजाने और संवारने का काम शुरू कर देगा। यह पुलिस स्टेशन चूना और पत्थर से बना हुआ है। करीब 24 इंच मोटाई की दीवारों वाले इस पुलिस स्टेशन के गेट पर ही हवालात बनी है। पहाड़ी पर बने पुलिस स्टेशन में छोटे-छोट छह कमरे बनाए हुए हैं। इन कमरों की छत लकड़ियों से बनी है।
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वर्ष 1857 में स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी सैनिक इस पुलिस स्टेशन में ठहरते थे। बताया जाता है कि कैप्टन डूमंड ने जींद और पटियाला रियासत के सैनिकों के साथ इस स्टेशन में पड़ाव डाला था। देश की आजादी के लिए हसन खां मेवाती ने अंग्रेजी सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया।

अंग्रेजी सरकार के खिलाफ किए गए विद्रोह को दबाने के लिए अंग्रेजों ने हथीन थाने को केन्द्र बनाया। अंग्रेजी सरकार के खिलाफ मेवाती वीरों ने 19 नवंबर माह में गांव रूपडाका में मोर्चा लगाया। मेवाती वीरों के मोर्चे को ध्वस्त करने के लिए अंग्रेजी सैनिकों ने 19 नवंबर 1857 को इसी पुलिस स्टेशन से कूच किया था।

इस दिन अंग्रेजी सेना ने निहत्थे ग्रामीणों को गोलियों से भून दिया। बताया जाता है कि गांव रूपडाका में 3600 मेवाती वीर शहीद हुए। देश के लिए कुर्बानी देने वालों का गवाह यह पुलिस स्टेशन पलवल जिला का सबसे पुराना है।

एसपी राकेश कुमार आर्य ने बताया हथीन पुलिस स्टेशन को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया गया है। विभाग की तरफ से इसके लिए कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। पुरातत्व विभाग जल्द ही इसे अपने कब्जे में लेगा। पुरातत्व विभाग इस पुलिस स्टेशन को हैरीटेज बिल्डिंग के तौर पर संवारेगा। कुछ दिनों बाद ही यह पुलिस स्टेशन पुरातत्व विभाग के निर्देशन में लोगों के आकर्षक का केन्द्र नजर आएगा।
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