पलवल स्टेशन के पास निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे रेलवे के 25 हजार वोल्ट का ओएचई (ओवर हेड इलेक्ट्रिक) तार के अचानक टूटकर लूप लाइन पर गिरने से अफरातफरी मच गई।
लाइन में तार के टच हो जाने से चिंगारी निकलने लगी। इस कारण कई गाड़ियों के संचालन पर असर पड़ा। आगरा की ओर जाने वाली गाड़ियों को मेन लाइन से निकाला गया। दो घंटे बाद तार को दुरुस्त कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, अलावलपुर फाटक पर ओवर व्रिज का निर्माण किया जा रहा है। करीब 20 दिन पहले ही लोहे का गटर रखा गया था। उसी के नीचे रेलवे का ओएचई तार लगा है।
रविवार सुबह तीन कर्मचारी सहारनपुर(यूपी) के गांव पाडौंली निवासी वसीम, जावेद व तनवीर गटर पर बैठकर वेल्डिंग का काम कर रहे थे। 10:40 बजे अचानक उन्हें करंट लगा और वे काम छोड़ कर भाग खड़े हुए।
कर्मचारियों के भागते ही वेल्डिंग का तार ओएचई तार पर आ गिरा, जिससे शार्ट सर्किट होकर तार टूट कर नीचे लूप लाइन पर आ गिरा। 25 हजार हाई वोल्टेज का तार ट्रैक पर गिरने से चिंगारियां निकलने लगी। यह देखकर स्टेशन पर शटल के इंतजार में खड़े यात्रियों में अफरातफरी मच गई।
सूचना पाकर फरीदाबाद के रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 12:50 मिनट पर तार को जोड़कर शटल गाड़ियों के संचालन को शुरू किया जा सका।
ट्रेन लेट होने से बड़ा हादसा टला
दरअसल, ओएचई तार जिस वक्त रेलवे ट्रैक पर गिरा था, उस वक्त(10:55) बजे पर पलवल से गाजियाबाद के बीच चलने वाली शटल गाड़ी के जाने का समय होता है। क्योंकि यह गाड़ी सुबह 10:05 पर पलवल स्टेशन पहुंचती है। वही गाड़ी गाजियाबाद शटल बनकर चलती है। संयोग था कि कोहरा होने के कारण गाड़ी लेट हो गई थी। यदि गाड़ी समय पर आ जाती को बड़ा हादसा हो सकता था।
दो गाड़ियां हुई प्रभावित
ओएचई तार के टूटने से मुंबई की ओर जाने वाली दो महत्वपूर्ण ट्रेन निजामुद्दीन -त्रिवेंद्रम राजधानी व झेलम एक्सप्रेस को करीब 5 से 10 मिनट तक फरीदाबाद व न्यूटाउन स्टेशन पर रोकना पड़ा।
यात्रियों को दिया लोकल स्टॉपेज
हादसे के बाद पलवल गाजियाबाद शटल समय पर स्टेशन नहीं पहुंची। ऐसे में दिल्ली कीे ओर जाने वाले यात्रियों के लिए मुंबई से फिरोजपुर जा रही जनता एक्सप्रेस को लोकल बनाकर चलाया गया।
यात्रियों को हुई परेशानी
शटल गाड़ी से जाने के लिए पलवल, बल्लभगढ़, न्यू टाउन व ओल्ड फरीदाबाद स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री खड़े रहे। लेकिन जनता एक्सप्रेस को लोकल बनाने के बाद भी पूरे यात्री उसमें नहीं बैठ सके। सबसे ज्यादा परेशानी बिहार की ओर जाने वाली गाड़ियों के यात्रियों को हुई। गाजियाबाद शटल को पकड़ने के लिए यात्रियों को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
कुछ शटल व एक-दो एक्सप्रेस गाड़ियां प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को थोड़ी असुविधा जरूर हुई है। अब इस बात की जांच की जाएगी की हादसा हुआ कैसे।
-पीके वर्मा, इंस्पेक्टर, आरपीएफ, फरीदाबाद