बहुजन समाज पार्टी की रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में 2017 का विधानसभा चुनाव जीतने की रणनीति तैयार की गई। पार्टी सुप्रीमो ने दो महीने में संगठन में बदलाव कर नवजवानों को 50 फीसदी भागीदारी देने के आदेश दिए।
मेरठ-एनसीआर की समीक्षा करते हुए उन्होंने घोषित प्रत्याशियों के टिकट बदलने की आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। संगठन में बदलाव की शुरुआत एनसीआर से की जाएगी।
चुनावों में लगातार हो रही हार से चिंतित पार्टी ने अब अपनी नीतियों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। पार्टी संगठन की बैठक में स्वीकार किया गया कि युवा मतदाताओं ने बसपा का साथ छोड़कर आप का दामन थाम लिया है।
कई राज्यों में बसपा के युवा बीजेपी की ओर भी गए हैं। इसका कारण उनको पार्टी में यथोचित स्थान न मिलना है। पार्टी संगठन के लोग सभी काम छोड़कर अब संगठन का कायाकल्प करने में जुट जाएं।
काम न करने वालों को संगठन से हटाया जाए। वार्ड से मंडल तक की कमेटियों में बदलाव कर 50 फीसदी पद युवाओं को दिए जाएंगे।
पार्टी में नहीं चलेगा परिवारवाद
सूत्रों के अनुसार सुप्रीमो ने स्पष्ट कर दिया है कि बसपा में किसी कीमत पर परिवाद नहीं चलेगा। बड़े नेताओं के परिजनों को टिकट नहीं मिलेंगे। काम करने वाले योग्य लोगों को ही टिकट मिलेगा।
पार्टी के मौजूदा विधायक और घोषित प्रत्याशी 2017 केचुनावोें की तैयारियां शुरू कर दें, उनके टिकट नहीं काटे जाएंगे। किसी सीट पर सामान्य हालात में प्रत्याशी नहीं बदला जाएगा।
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में जनपद के सभी विधायक, जिलाध्यक्ष वीरेंद्र जाटव, मंडल कोआर्डिनेटर अजीत पाल और जिला उपाध्यक्ष रियाजुद्दीन सलमानी आदि गए थे। ट्रेन में सीट न मिलने पर कई पदाधिकारी सड़क मार्ग से ही लखनऊ पहुंचे थे।