दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ ने एक ठक-ठक गिरोह का पर्दाफाश कर उसके दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की डायमंड ज्वेलरी बरामद की गई है। इन्होंने डायमंड ज्वेलरी गुरुग्राम के बिल्डर की कार से देशबंधु गुप्ता रोड इलाके से पांच अगस्त को चुरा ली थी।
बिल्डर बेटी की शादी के लिए पुश्तैनी ज्वेलरी को लेकर दिल्ली ज्वेलरी बनाने आए थे। बिल्डर ने कार से उतरते हुए सर्तकता बरती, बावजूद आरोपी ज्वेलरी ले जाने में कामयाब हो गए। एक आरोपी पहले भी 70 लाख रुपये की ज्वेलरी चुरा चुका है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-50, गुरुग्राम निवासी अनिल अरोड़ा पेशे से बिल्डर हैं। उनकी बेटी की अगस्त में शादी है। वह पुश्तैनी ज्वेलरी को लेकर देशबंधु गुप्ता रोड इलाक में आए। कार में उनके साथ पत्नी भी थी। ठक-ठक गिरोह के सदस्यों ने उनकी कार के बोनट पर तेल डाल दिया। बदबू आने पर वह कार को रोक कर चैक करने के लिए कार से बहार निकले।
इस दौरान उन्होंने कार को लॉक कर दिया था। जब उनको कार में कोई परेशानी नहीं दिखी तो वह कार में फिर से बैठने लगे। उन्होंने कार का लॉक खोला तो बदमाश पलक झपकते ही कार से बैग लेकर फरार हो गए।
उनकी पत्नी ने बैग पर हाथ रखा हुआ था। मामला दर्जकर देशबंधु गुप्ता रोड थाना पुलिस मामले की जांच कर रही थी। सीसीटीवी कैमरों को चैक की गई तो एक लंबे बाल वाले एक आरोपी का चेहरा सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया।
इसी बीच दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी गिरीश कुमार की टीम बैग उठाने की घटनाओं को देखते हुए ठक-ठक गिरोह पर नजर रखे हुए थी। इंस्पेक्टर गिरीश कुमार की देखरेख में एएसआई परमजीत, व अनिल की टीम ने सेंट्रल मार्केट, मदनगीर में घेराबंदी कर दो आरोपी संतोष और संदीप को पकड़ लिया।
एक कब्जे से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत की डायमंड व अन्य ज्वेलरी बरामद की गई। स्पेशल स्टाफ ने हौजखास इलाके से 70 लाख रुपये चुराने के आरोप में संदीप को पहले भी गिरफ्तार किया था। इंद्रपुरी निवासी संदीप(22) के खिलाफ पहले से दो केस दर्ज हैं। मदनगीर निवासी संतोष(20) चोरी की वारदातों में शामिल रहा है, मगर पहली बार गिरफ्तार हुआ है।