लड़की के साथ अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले एक गैंग का उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
आरोपियों की पहचान अली खान चौक मोहल्ला, सियाना, बुलंदशहर निवासी रिजवान (23), आर्य नगर, लोनी, गाजियाबाद निवासी गुलजार उर्फ अलवी उर्फ नेता (30), व दिल्ली निवासी रोहित (26), हारून (47) और सलीम (35) के रूप में हुई है।
पकड़े आरोपी वीडियो बनाने के बाद सोशल नेटवर्किंग साइट या रेप के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर जबरन वसूली करते थे। पकड़े गए आरोपियों में गुलजार लोनी का लोकल नेता है।
आठ लोगों का था गैंग
उस पर बदमाशों को संरक्षण देने का आरोप है। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त वीनू बंसल ने बताया कि 12/13 की रात को शिकायतकर्ता अनिल ने बताया कि कुछ लोगों ने उसके ससुर को अगवा कर लिया है।
उन्हें छोड़ने के बदले एक लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। रुपये देने के लिए बदमाशों ने खजूरी बुलाया है। सूचना के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को दबोच लिया।
बाद में अनिल के ससुर सोनिया विहार निवासी राजेंद्र गुप्ता को सकुशल मुक्त करा लिया। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आठ लोगों का गैंग जबरन वसूली का धंधा कर रहा है। पुलिस को एक महिला समेत तीन आरोपियों की तलाश है।
ऐसे बुनते थे पूरा जाल
गैंग में शामिल युवती प्यार के जाल में फंसाकर अपने शिकार को भजनपुरा में एक फ्लैट पर लाती थी। यहां एक या दो बार संबंध बनाने के बाद पीड़ित का विश्वास जीत लिया जाता था।
तीसरी बार जब वह फ्लैट पर आता था तो उसका अश्लील वीडियो शूट कर लिया जाता था। उसी दौरान चार या पांच लोग, जिनमें दो खुद को पत्रकार और दो पुलिसकर्मी बताते थे।
बाद में वीडियो को सोशल नेटवर्किंग साइट पर डालने या रेप के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर जबरन वसूली की जाती थी। राजेंद्र गुप्ता को भी इन लोगों ने इसी तरह जाल में फंसा था। रुपये न मिलने की वजह से उसे भजनपुरा के फ्लैट में बंधक बनाकर रखा हुआ था।