संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने हरि शंकर टिबरेवाल के मानहानि मामले में अंतरिम आदेश बरकरार रखे। कोर्ट ने कहा कि अपराधी बताकर पेश करना न्याय प्रक्रिया पर असर डाल सकता है। कुछ प्रकाशनों ने टिबरेवाल को हवाला कारोबारी और शेयर बाजार में हेरफेर बताया था। अदालत ने इसे प्रथम दृष्टया आपराधिक और मानहानि वाला माना। कोर्ट ने कहा कि दोषी की तरह पेश करना ट्रायल कोर्ट के बाहर का ट्रायल है, जो गलत धारणा बनाता है।
अदालत ने पहले कुछ सामग्री हटाने और दोबारा प्रकाशित न करने के निर्देश दिए थे। बाद की रिपोर्टों में टिबरेवाल को फरार और सट्टेबाजी गिरोह से जोड़ा गया। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्टें जांच की जानकारी देने के बजाय मामले को सनसनीखेज बना रही थीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश का मतलब टिबरेवाल से जुड़ी हर खबर पर रोक नहीं है। एफआईआर, जांच एजेंसियों की जानकारी, अदालती कार्रवाई और कानूनी आदेशों की खबर नियमों से दी जा सकती है।