नागरिकता संशोधन कानून और जेएनयू हिंसा के मामले पर विपक्षी दलों ने बैठक बुलाई है। इस बैठक का मकसद केंद्र की भाजपा सरकार पर दबाव बनाना है। हालांकि इस बैठक का उद्देश्य शुरू होने से पहले ही कमजोर होता नजर आ रहा है।
दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पहल पर दिल्ली में दोपहर दो बजे बुलाई गई इस बैठक में शामिल होने से कई दलों ने इनकार कर दिया। जहां बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही इस बैठक से दूरी बना चुकी हैं, वहीं बसपा सुप्रीमो मायवती ने भी इसमें शामिल न होने की बात कही है।
वहीं सोमवार सुबह आम आदमी पार्टी के भी इस बैठक में शामिल न होने की बात सामने आई है। इस मामले में आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बताया है कि हमें ऐसी किसी बैठक की जानकारी नहीं है। इसलिए कोई वजह नहीं बनती कि जिस बैठक के बारे में हमें जानकारी न हो, जिसका न्योता न मिला हो उस बैठक में शामिल हुआ जाए।