विधानसभा से लगातार दूसरे दिन नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता को मार्शल की मदद से बाहर निकाला गया। वे सदन में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत पर एक हजार बसों को गलत तरीके से खरीदने की योजना का आरोप लगाने के साथ-साथ विभागीय सचिव वर्षा जोशी से अभद्र व्यवहार पर माफी मांगने की बात कर रहे थे।
भाजपा विधायक गले में प्ले कार्ड भी लगाए हुए थे, जिसमें बस खरीद घोटाले का जिक्र था। पूरा मामला टी ब्रेक के तुरंत बाद हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नियम 280 के तहत 1000 बस किराये पर लेने के सरकार के प्रस्ताव व आईएएस अधिकारी वर्षा जोशी का मसला उठाने की कोशिश की।
तीनों भाजपा विधायकों के हाथ में नारे से लिखी तख्तियां थीं। विधायकों ने नारेबाजी कर महिला अधिकारी से माफी मांगने की मांग करने लगे। इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने एतराज जताया। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया।
विधान सभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने चुप होने की चेतावनी दी, लेकिन विपक्ष ने अनसुना कर दिया। नाराज गोयल ने बिहार में बच्चियों के साथ हुए रेप का हवाला देते हुए गुप्ता से माफी मांगने की भी बात कही।