दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी की याचिका पर ‘आपकी अपनी पार्टी’ को रोशनी वाली टॉर्च का चुनाव चिह्न का इस्तेमाल अपने बैनर व चुनाव प्रचार में नहीं करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की पार्टी की याचिका पर दिया है।
न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की पीठ के समक्ष आप के वकीलों ने कहा कि दूसरी पार्टी रोशनी निकलती टॉर्च का इस्तेमाल करती है, जो आप के चुनाव चिह्न झाड़ूू से मिलता-जुलता है। इससे उसके मतदाता भ्रमित हो सकते हैं।
हाईकोर्ट ने आप के तर्क से सहमति जताते हुए अपने अंतरिम आदेश में कहा कि आपकी अपनी पार्टी को रोशनी वाली टॉर्च का इस्तेमाल अपनी प्रचार सामग्री में नहीं करना चाहिए।
याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कठपालिया व आर. अरुणाधरी अय्यर ने कहा कि आप की विरोधी पार्टी का छोटा नाम भी आप है, जिससे मतदाता भ्रमित होंगे। इसलिए इस नई पार्टी का पंजीकरण रद्द कर दिया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग व विरोधी पार्टी को पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तारीख तय की है। आप की याचिका में कहा गया है कि आयोग ने उसकी याचिका पर गंभीरता से विचार किए बिना 21 दिसंबर 2018 को विरोधी दल को छह राज्यों की 41 विधानसभाओं सहित दिल्ली और हरियाणा की सभी विधानसभाओं में चुनाव के लिए रोशनी वाली टॉर्च का चुनाव चिह्न दे दिया ।
आम आदमी पार्टी को एक जनवरी 2019 को पता चला कि विरोधी पार्टी गलत मंशा से रोशनी वाली टॉर्च का अपनी प्रचार सामग्री में इस्तेमाल कर रही है, ताकि मतदाताओं को भ्रमित किया जा सके।