महिलाएं इस सफर के अनुभव को सहेजने के लिए सेल्फी ले रही हैं। अपने बच्चों को भी चालक वाली जगह पर खड़े कर सफर का नजारा दिखा रही हैं। मौजूदा समय में दिल्ली मेट्रो की मजेंटा और पिंक लाइन पर चलने वाली लगभग सभी ट्रेनों से ऑपरेटर का केबिन हटा दिया गया है।
इन दिनों बिना चालक वाली मेट्रो ट्रेन में महिलाएं दिल्ली का विहंगम नजारा देख पा रही हैं। मेट्रो ने ट्रेन के अगले कोच के ऑपरेटर केबिन को हटा दिया है तो अब महिलाएं ट्रेन के आगे निहारते हुए सफर का आनंद ले रही हैं।
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ये अनुभव महिलाओं के लिए बिलकुल नया है। अभी तक कोच में दो तरफ लगे शीशों से ही अगल-बगल का नजारा देखने को मिलता था लेकिन अब महिलाएं कुछ इस तरह का एहसास करते हुए सफर कर रही हैं जैसे वही ट्रेन को चला रही हों। यह अनोखा अनुभव पुरुष यात्रियों के लिए संभव नहीं है क्योंकि दिल्ली मेट्रो का पहला कोच महिलाओं के लिए आरक्षित है। इस कारण बिना चालक वाली मेट्रो के रोमांचक सफर का असली अनुभव महिलाओं को मिल रहा है।
महिलाएं इस सफर के अनुभव को सहेजने के लिए सेल्फी ले रही हैं। अपने बच्चों को भी चालक वाली जगह पर खड़े कर सफर का नजारा दिखा रही हैं। मौजूदा समय में दिल्ली मेट्रो की मजेंटा और पिंक लाइन पर चलने वाली लगभग सभी ट्रेनों से ऑपरेटर का केबिन हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में मेट्रो के अन्य कॉरिडोर पर भी बिना चालक वाली ट्रेनें ही दौड़ेंगी।
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चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा चालक रहित ट्रेनों का बेड़ा
चालक रहित ट्रेनों का बेड़ा चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। अभी मजेंटा और पिंक लाइन पर चालक रहित ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इसमें पहले तो ट्रेन ऑपरेटर तैनात किए जाते थे लेकिन अब पूरी तरह स्वचालित ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसके लिए ट्रेन के कोच से चालक के केबिन को भी हटा दिया गया है। इससे यात्रियों को बैठने के लिए और जगह मिलेगी। चालक रहित ट्रेन संचालन पहली बार दिसंबर 2020 में मजेंटा लाइन (जनकपुरी पश्चिम से बॉटेनिकल गार्डन) पर शुरू किया गया था। बाद में नवंबर 2021 में पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) पर इस तकनीक को पेश किया गया।
100 किमी का है स्वचालित नेटवर्क
दिल्ली मेट्रो का पूरी तरह से स्वचालित नेटवर्क मौजूदा समय 100 किमी के करीब का है। यह मजेंटा और पिंक दोनों लाइनों पर उपलब्ध है। अधिकारियों का दावा है कि यह भारत में दिल्ली मेट्रो एकमात्र चालक रहित ट्रेन संचालन नेटवर्क बन गया है। मजेंटा लाइन पर चालक रहित ट्रेनों की शुरुआत के साथ डीएमआरसी दुनिया के उन सात प्रतिशत मेट्रो नेटवर्क की एलीट लीग में शामिल है जो बिना चालक के चल सकते हैं। स्वचालित मेट्रो ट्रेनों से मानवीय हस्तक्षेप और मानवीय त्रुटियां कम होंगी।