बेरियाट्रिक सर्जरी निदेशक डॉ. रणदीप वाधवा ने बताया कि उनके अस्पताल में ऐसी सबसे ज्यादा सर्जरी विदेशी मरीजों की हुई हैं। बीते दिनों इराक निवासी 300 किलोग्राम और तंजानिया निवासी 250 किलोग्राम वजन वाले मरीजों का ऑपरेशन हुआ था।
अंजू चौधरी पिछले वर्ष 30 नवंबर को उनके पास आईं तो बीएमआई (वजन और लंबाई के अनुपात का पैमाना) 75.8 था। करीब पांच घंटे ऑपरेशन के दौरान अंजू के पेट की चर्बी निकाली गई। इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।
बता दें कि देश में सबसे पहले मोटापाग्रस्त मरीज का ऑपरेशन वर्ष 2002 में किया गया था। कुछ वर्षों से इस तरह के मरीजों में तेजी से वृद्घि हुई है।
ओबेसिटी सर्जरी सोसायटी ऑफ इंडिया के मुताबिक, वर्ष 2017 के दौरान पूरे देश में करीब 15 हजार मरीजों को ऑपरेशन कर मोटापे से बचाया गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य व्यक्ति में बीएमआई 25 तक रहना चाहिए। इससे ज्यादा होने पर बीमारियों का खतरा होने लगता है। आमतौर पर 40 बीएमआई तक के मरीज ज्यादा अस्पताल पहुंच रहे हैं। अंजू का बीएमआई 75 से भी ज्यादा था, जो खतरे के निशान से काफी ऊपर था।