सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक चाइल्ड पोर्नोग्राफी पहुंचाने के आरोप में साइबर सेल ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय से लेकर बिजनेस ग्रेजुएट तक हैं। पुलिस ने इनका मोबाइल और सिम जब्त कर लिया है।
साइबर सेल ने यह कार्रवाई ऑपरेशन मासूम के तहत की है। वर्ष 2020 में इसके तहत पुलिस 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस उपायुक्त अन्येष राय ने बताया कि साइबर क्राइम यूनिट की तरफ ने पिछले साल ऑपरेशन मासूम की शुरूआत की गई।
इस कार्यक्रम का मकसद बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन सेक्सुअल कंटेंट डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है और ऑनलाइन चाइल्ड पॉर्नोग्राफी को रोकना है। इसके लिए साइबर सेल की तरफ से सोशल मीडिया और अन्य मैसेज प्लेटफार्म पर नजर रखती है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इनको शेयर किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तिमारपुर निवासी रामबाबू, पालम निवासी देवेंद्र, बदरपुर निवासी अब्दुल रहमान, सुलेमान नगर निवासी मोहम्मद उमर आलम और वजीरपुर निवासी संतोष कुमार के रूप में हुई है।
रामबाबू कैब चलाता है वहीं उमर आलम बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक डिग्री ली हुई है और ई कॉमर्स साइट्स के लिए मोबाइल के कलपूर्जे ऑनलाइन बेचता है। संतोष पिज्जा चेन के लिए डिलीवरी ब्वॉय का काम करता है। देवेंद्र और अब्दुल रहमान दोनों स्कूल में ही पढ़ाई छोड़ दी।
अब्दुल नोएडा के एक फर्म में डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। वहीं देवेंद्र डिस्क जॉकी है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि आपत्तिजनक चीजों को उन्होंने किसी को भेजा या फिर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।