नई व्यवस्था के तहत मरीजों को काउंटर नंबर 3, 4, 6 और 7 पर टोकन के साथ-साथ बिना टोकन के भी पर्ची बनवाने की सुविधा मिलेगी। वहीं, अन्य सभी काउंटरों पर ओपीडी पर्ची केवल टोकन नंबर के आधार पर ही बनाई जाएगी।
गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में एक नवंबर से ओपीडी पर्ची बनवाने की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत मरीजों को काउंटर नंबर 3, 4, 6 और 7 पर टोकन के साथ-साथ बिना टोकन के भी पर्ची बनवाने की सुविधा मिलेगी। वहीं, अन्य सभी काउंटरों पर ओपीडी पर्ची केवल टोकन नंबर के आधार पर ही बनाई जाएगी। ऐसे में मरीजों को परेशानी से बचने के लिए समय पर टोकन लेने की सलाह दी गई है।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के दौरान आधार सत्यापन किया जाएगा और संबंधित मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा।
दावा : बदलाव से मरीजों का समय बचेगा
प्रशासन का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य पर्ची काउंटरों पर भीड़ कम करना, मरीजों का समय बचाना और पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाना है। इससे पर्ची बनाने की प्रक्रिया में अनियमितताओं पर रोक लगाने और मरीजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी।
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अस्पताल जाने से पहले चेक कर लें...
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों से अपील की है कि वे एक नवंबर से अस्पताल आते समय आधार कार्ड और मोबाइल फोन साथ लाएं। नए नियमों का पालन करें, ताकि पंजीकरण के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो। अस्पताल के लिए निकलने से पहले आधार कार्ड और उससे जुड़े मोबाइल फोन को लेना न भूलें।