सेक्टर-10 सिविल अस्पताल में आए मरीजों के लिए डॉक्टर की कमी मुसीबत बनती जा रही है। ओपीडी में तैनात डॉक्टर को ही इमरजेंसी सेवा देने से इमरजेंसी में आने वाले मरीज परेशान होते हैं।
यहां मरीज लेकर आने वाले परिजनों को खुद ओपीडी से डॉक्टर बुलवाकर इलाज करवाना पड़ता है, क्योंकि इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे अस्पताल में एक सड़क दुर्घटना का केस आया।
यहां इमरजेंसी में लाने के बाद डॉक्टर ही नहीं मिले। जिसके बाद ओपीडी में जा-जाकर डॉक्टर को ढूंढा गया। करीब 10 मिनट बाद डॉक्टर को ढूंढकर इमरजेंसी में लाया गया, तब इलाज शुरू हुआ।
इस अस्पताल में डॉक्टर की 42 स्वीकृत पद में 28 खाली है। डॉक्टरों की कमी की वजह से दिन के समय ओपीडी में तैनात डॉक्टर से ही इमरजेंसी में ड्यूटी करते है।
सेक्टर-10 अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवल किशोर का कहना है कि डॉ अनिल गुप्ता की डयूटी इमरजेंसी में लगाई गई है। कोर्ट की तारीख होने के कारण ओपीडी के डॉक्टर को ही यहां अतिरिक्त कार्य देखने को कहा गया है। स्टाफ की कमी के चलते यहां मैनेज करने में दिक्कत आ रही है।