भाजपा विधायक ओमप्रकाश शर्मा की सदस्यता पर तलवार लटक गई है। दिल्ली विधानसभा की आचरण समिति ने जो रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी थी, उसे बुधवार को पेश कर दिया गया।
विधायक नारायण दत्त शर्मा की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय समिति ने आप विधायक अलका लांबा पर रात को घूमने वाली-टिप्पणी करने के मामले में आदतन दोषी समेत सात बिंदुओं का हवाला देकर छठी विधानसभा की सदस्यता से निष्कासित करने की सिफारिश की है।
रिपोर्ट पर बृहस्पतिवार को चर्चा होगी और अंतिम निर्णय लिया जाएगा। घटना 24 नवंबर को हुई और आचरण समिति की पहली बैठक 27 नवंबर को हुई, जिसमें ओपी शर्मा को समिति के सामने पेश होने का अनुरोध भेजा गया।
अलका लांबा पर की गई टिप्पणी सीधे शब्दों में चरित्र हनन था
अलका लांबा
रिपोर्ट के अनुसार, ओपी शर्मा पांच बैठक में पेश हुए, लेकिन बार-बार माफी मांगने या खेद प्रकट करने के आग्रह को उन्होंने ठुकरा दिया। समिति ने कहा है कि अलका लांबा पर की गई टिप्पणी एक महिला सदस्य को नीचा दिखाने वाली सर्वाधिक असभ्य अभिव्यक्ति थी।
सीधे शब्दों में चरित्र हनन था। ओपी शर्मा ने सदन का इस अनुत्तरदायी आचरण से उपहास किया है। ना सिर्फ स्वयं को अपमानित किया है बल्कि विधानसभा को नीचा दिखाया है।
अशोभनीय आचरण के लिए सर्वाधिक बार नामित किए जाने का रिकॉर्ड, बार-बार कार्यवाही में रुकावट डालने का रिकॉर्ड, सदन के नेता की तरफ धमकी भरे तरीके से झपट पड़ने की विवेकहीनता, सदन का माइक तोड़ने, गलत व्यवहार के लिए चेतावनी पाने का रिकॉर्ड, पिछली भूलों पर कोई पश्चाताप नहीं करना और आदतन दोषी बताया गया।
प्रशंसा में कहा था रात को घूमने वाली महिला
ओपी शर्मा
विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल के मुताबिक विधानसभा में आचरण समिति की रिपोर्ट रखी गई है। इस पर सदन में बृहस्पतिवार को चर्चा होगी और अगे की कार्रवाई तय होगी। माफी मांगने का एक और मौका दिया जाएगा या नहीं, यह भी सदन के सदस्य तय करेंगे।
ओपी शर्मा ने कहा कि मैंने अलका लांबा पर कोई गलत टिप्पणी नहीं की, जिसके लिए माफी मांगी जाए। मैं उनकी प्रशंसा में रात को घूमने वाली कहा था।
क्योंकि सदन में साथी सदस्य ने कहा था कि मैं रात को रैन बसेरे और ड्रग्स एडिक्ट के बीच जाती हूं। फिर समिति में सभी सत्तापक्ष के विधायक हैं। यह एकतरफा कार्रवाई है। कानूनी कार्रवाई करेंगे, जिसमें कोर्ट जाने का रास्ता भी है।