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दिल्ली: कोरोना की सस्ती-महंगी जांचों से बढ़ी उलझन, विशेषज्ञ बोले- भरोसा, समय और बजट तीनों बर्बाद

Sat, 05 Dec 2020 10:22 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर भले ही संक्रमण दर अब पांच फीसदी से कम हो, लेकिन इसकी जांच को लेकर अगर तकनीकों के बीच अंतर देखा जाए तो एंटीजन जांच फिसड्डी साबित होगी। आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली में कोरोना की सस्ती जांच को अपनाने से केवल एक फीसदी संक्रमित मरीजों की पहचान हो पा रही है। वही आरटी पीसीआर जांच बढ़ाने से आठ गुना अधिक संक्रमित मरीज भी मिल रहे हैं। 

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उदाहरण के लिए बीते एक दिसंबर की बात करें तो दिल्ली में 78,949 सैंपल की जांच हुई थी। इनमें से 36,370 सैंपल की आरटी पीसीआर जांच हुई थी और बाकी सैंपल को एंटीजन किट्स के जरिए जांचा गया था। आरटी पीसीआर के जरिए 8.99 फीसदी सैंपल कोरोना संक्रमित मिले। जबकि एंटीजन जांच से केवल 1.58 फीसदी सैंपल ही कोरोना संक्रमित पाए गए।

19 अक्तूबर से 1 दिसंबर के बीच जांच की स्थिति देखें तो दिल्ली में आरटी पीसीआर के जरिए एक दिन में 30 फीसदी तक सैंपल कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जबकि एंटीजन जांच के जरिए 8.39 फीसदी से ज्यादा कभी सैंपल संक्रमित नहीं मिले हैं। इससे जाहिर है कि दिल्ली में एंटीजन जांच से ज्यादा आरटी पीसीआर तकनीक पर भरोसा करना जरूरी है। 
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जानकारी के अनुसार एक एंटीजन किट करीब 400 से 500 रुपये में पड़ती है। जबकि एक आरटी पीसीआर जांच पर करीब 2 से 3 हजार रुपये तक का खर्च आता है। ऐसे में दिल्ली सहित देश के ज्यादात्तर राज्य एंटीजन किट्स पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं, क्योंकि यह महज आधा घंटे में होने वाली जांच है और आरटी पीसीआर के लिए कम से कम चार घंटे लगना जरूरी हैं। 

विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना संक्रमण को लेकर शुरू से ही दिल्ली सरकार ने एंटीजन जांच पर ज्यादा भरोसा जताया है। प्रो रिजो एम जॉन का कहना है कि दिल्ली में कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने से पहले तक रोजाना सबसे ज्यादा जांच एंटीजन किट्स के जरिए ही हो रही थीं। 15 नवंबर को गृहमंत्री के साथ बैठक के 10 दिन बाद दिल्ली में आरटी पीसीआर जांच का दायरा बढ़ा है। जबकि प्रतिदिन होने वाली जांच और अलग अलग तकनीक के जरिए मिलने वाले संक्रमित सैंपल की स्थिति देखें तो एंटीजन जांच पर भरोसा समय और बजट दोनों की बर्बादी है। 

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 19 अक्तूबर से 1 दिसंबर के बीच दिल्ली में सबसे ज्यादा संक्रमित सैंपल 7 नवंबर को मिले थे। जब एक दिन में 15982 सैंपल की जांच आरटी पीसीआर के जरिए हुई और 30.20 फीसदी सैंपल कोरोना संक्रमित मिले। इसी दिन दो गुना अधिक 34772 सैंपल की जांच एंटीजन किट्स के जरिए हुई थी लेकिन 8.39 फीसदी सैंपल संक्रमित मिले थे।

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