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दिल्ली में चलेंगी सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें: पांच साल में चरणबद्ध तरीके से हटेंगी CNG गाड़ी, सदन में सरकार का जवाब

Tue, 19 Aug 2025 10:32 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार


अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में सीएनजी बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और लगभग 90 प्रतिशत बेड़ा अक्तूबर 2025 तक इलेक्ट्रिक में बदल जाएगा।
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DTC cluster bus - फोटो : PTI
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विस्तार
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दिल्ली की सड़कों पर चल रहीं सीएनजी की पुरानी बसों को अगले पांच साल में हटा दिया जाएगा। इसके बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें ही चलेंगी। बीते दिनों केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उच्च सदन को जानकारी दी कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर सेवा के तहत 2,743 सीएनजी बसों का मौजूदा बेड़ा अगस्त 2031 तक चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा। अभी केवल इलेक्ट्रिक बसें ही खरीदी जा रही हैं।

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उन्होंने कहा कि दिल्ली में वर्तमान में इलेक्ट्रिक सहित 5,691 बसें हैं। इनमें से 2,743 सीएनजी बसें हैं जिनमें 993 डीटीसी की और 1,750 क्लस्टर बसें हैं जिन्हें अगस्त 2031 तक चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा। दूसरी ओर इलेक्ट्रिक बसों के आने से मौजूदा समय में सीएनजी बस चालकों को नौकरी जाने खतरा सता रहा है। लगभग 8,600 चालकों की नौकरी पर संकट है। ये चालक नियमित और अनुबंध दोनों आधार पर डीटीसी से जुड़े हैं। परिवहन विभाग इलेक्ट्रिक बसों की खरीद वेट लीज मॉडल पर कर रहा है। इस मॉडल में बसें निजी कंपनियों (कंसेशनर) की होंगी और उन्हीं के चालक होंगे जबकि परिचालक डीटीसी द्वारा तैनात किए जाएंगे। ऐसे में मौजूदा सीएनजी बस चालकों की जरूरत कम हो जाएगी।
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अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में सीएनजी बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और लगभग 90 प्रतिशत बेड़ा अक्तूबर 2025 तक इलेक्ट्रिक में बदल जाएगा। हालांकि, सरकार का कहना है कि चालकों की नौकरी नहीं जाए इसके लिए योजना बनाई जा रही है। इन चालकों को दूसरे विभागों में भेजा जा सकता है लेकिन उनको वेतन डीटीसी की तरफ से दिया जाएगा। इसके साथ ही अनुबंध पर कार्यरत चालकों को लेकर भी योजना बनाई जा रही है। उन्हें डीटीसी और डिम्ट्स (दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम) से जुड़े कंसेशनरों के अधीन काम पर रखा जाएगा। कंसेशनर पहले से ही अनुबंध पर चालकों को रखते हैं। अब नीति के तहत डीटीसी यह सुनिश्चित करेगा कि वे चालकों को अपने साथ जोड़ें और उनका वेतन डीटीसी के माध्यम से दिया जाए।
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