- आरोपी एक चीनी नागरिक के लिए कर रहे थे काम,
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अपराध शाखा की साइबर सेल ने एक हाई प्रोफाइल ऑनलाइन शेयर धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस ने दो आरोपियों पटना बिहार निवासी साहिल यादव (25) व आर्यन (22) को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी एक चीनी नागरिक के लिए काम कर रहे थे। इस रैकेट के बदमाशों ने डर पैदा कर और मनोवैज्ञानिक दबाव देकर लोगों ने करोड़ों रुपये की ठगी कर ली।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि आरोपी साहिल यादव बीएससी स्नातक है और आर्यन स्नातक है। आरोपियों ने एक पीडि़त को एक टेलीग्राम समूह के माध्यम से आज खरीदें-कल बेचें और आईपीओ रेटिंग ट्रैपिंग की आड़ में मोटे मुनाफे का लालच देकर व स्टॉक ट्रेडिंग योजनाओं में निवेश करने का झांसा दिया। पीड़ित से दो महीनों में 47,23,015 रुपये ठग लिए। पीड़ित ने कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए थे। जब उसने अपने पैसे वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने उन्हें धमकी दी। साथ ही मोटी रकम ऐंठ ली। 31,45,000 रुपये हर्षिता फर्नीचर्स एंड इंटीरियर्स के नाम से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के चालू खाते में जमा किए गए थे।
इसके अलावा 23,80,000 (31.45 लाख में से) इंडसइंड बैंक के चालू खाते बुबाई इंस्टेंट शॉप ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड में भेजे गए। उक्त फर्म का मालिक साहिल यादव था। उक्त बैंक खाते का पंजीकृत मोबाइल नंबर (आरएमएन) आर्यन के नाम पर पंजीकृत पाया गया।
काला धन को सफेद करने के लिए खोले थे
दोनों आरोपियों ने ठगी के पैसे को सफेद करने के लिए इंडसइंड, एचडीएफसी, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट, एयू स्मॉल फाइनेंस, बंधन और इक्विटास बैंक सहित विभिन्न बैंकों में सात खाते खोले थे। जांच में उक्त फर्म से जुड़ी 89 एनसीआरपी शिकायतें भी सामने आईं। यह भी पता चला कि आरोपी नोएडा में एक कार्यालय भी चला रहे थे। वे लोग उत्तम नगर, दिल्ली निवासी अपने हैंडलर को रिपोर्ट करते थे। उसे चीन में रहने वाले टॉम नामक व्यक्ति से निर्देश मिल रहे थे। आर्यन की मौजूदगी ग्रेटर नोएडा में पाई गई। इस पर पुलिस टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
एक करोड़ के लेन-देन में 30 मिलते थे
आरोपियों ने खुलासा किया कि वह दिसंबर 2024 में टेलीग्राम के माध्यम से जुड़े थे। उन्हें चालू बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए प्रति 1 करोड़ के लेनदेन पर 30,000 मिलता था। इसके लिए उन्होंने बुबाई इंस्टेंट शॉप ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड बनाई और नोएडा में एक कार्यालय किराये पर लिया। एक ही नाम से धोखाधड़ी के पैसे भेजने के लिए कई बैंक खाते खोले। यह भी पता चला कि बुबाई इंस्टेंट शॉप ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर विभिन्न बैंकों में सात चालू खाते खोले गए हैं।