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ऐसे कैसे हुआ ट्रांजैक्शन: न कोई ओटीपी और न ही कोई मैसेज आया, खाते से गायब हो गए 75 लाख

Sat, 13 Aug 2022 09:05 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुलिस आशंका जता रही है कि वारदात में किसी ऐसे शख्स का हाथ हो सकता है जिसे शिवकुमार के खाते की जानकारी हो। इसमें बैंक कर्मचारियों की भी मिलीभगत हो सकती है।
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Online Fraud - फोटो : istock
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विस्तार
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शाहदरा जिले के एक बिल्डर के खाते से 75 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई। कमाल की बात यह है कि बिल्डर ने न तो किसी को खाते का पासवर्ड दिया और न ही किसी को उनके खाते की जानकारी थी। उनके खाते से रकम कटती रही, लेकिन न तो उनके पास इसका कोई एसएमएस या ईमेल भी नहीं आया। इत्तेफाक से पीड़ित शिवकुमार ने अपने खाते से किसी को रकम ट्रांसफर करने के लिए नेट बैंकिंग ओपन की तो उस समय 65 लाख रुपये ही कटे थे। जब तक शिवकुमार अपने खाते को ब्लॉक करवा पाते तब तक एक और ट्रांजैक्शन से 10 लाख रुपये उड़ा लिए गए। फौरन लोकल पुलिस से शिकायत की गई। चूंकि ठगी का मामला बड़ा था ऐसे में इसे स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट को भेज दिया गया। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश कर रही है।

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जानकारी के अनुसार शिवकुमार अपने परिवार के साथ शाहदरा के बलबीर नगर एक्सटेंशन मं रहते हैं। शिव पेशे से बिल्डर हैं। इन्होंने अपनी कंपनी बनाई हुई है। इनके छोटे भाई सुभाष कुमार भी कंपनी में पार्टनर हैं। कंपनी का बैंक ऑफ् बड़ौदा में चालू खाता है। खाते में हुई हर लेनदेन का एसएमएस उनके पास आता है। इसके अलावा ईमेल से भी जानकारी दी जाती है। सात अगस्त को उनको किसी पार्टी की रकम ट्रांसफर करना थी। इसके लिए शिव ने अपने खाते की नेट बैंकिंग ओपन की। खाता खुलते ही उनके होश उड़ गए। उनके खाते से 10 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में 65 लाख रुपये उड़ा लिए थे। तुरंत शिव ने बैंक को कॉल किया और खाते को बंद करने की रिक्वेस्ट की। लेकिन जब तक खाता फ्रीज होता जब तक 11वीं ट्रांजैक्शन कर 10 लाख रुपये और निकाल लिए गए। इसके बाद खाता बंद हो गया। शिव ने फौरन शाहदरा जिला पुलिस को खबर दी। बाद में मामला स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट भेज दिया गया। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

पुलिस आशंका जता रही है कि वारदात में किसी ऐसे शख्स का हाथ हो सकता है जिसे शिवकुमार के खाते की जानकारी हो। इसमें बैंक कर्मचारियों की भी मिलीभगत हो सकती है। पुलिस उन खातों की पड़ताल कर रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर हुई। स्पेशल सेल की टीम शिवकुमार के ही कई मिलने वालों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।

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