दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने के लिए लोगाें को प्रोत्साहित कर रही है। मगर जो लोग ऑनलाइन बिजली बिल जमा कर रहे हैं, वह खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
उनका कहना है कि ऑनलाइन बिल पेमेंट के नाम पर डीएचबीवीएन उपभोक्ताओं को चूना लगा रही है। इससे सबसे अधिक परेशानी उद्यमियों को हो रही है। उद्यमियों ने इसके विरोध का निर्णय लिया है।
बिजली बिल जमा करने में लोगों को व्यर्थ की भागदौड़ करनी पड़ती है। बिल जमा करने के मैनुअल सिस्टम में और भी दिक्कतों का लोगों को सामना करना पड़ता है।
इससे निजात दिलाने और अपना वर्कलोड कम करने के लिए बिजली निगम ने प्रदेश भर में ऑनलाइन बिजली बिल पेमेंट की योजना शुरू की है।
गुड़गांव में तकरीबन 15 वे 20 प्रतिशत लोग इसका लाभ भी उठाने लगे हैं। मगर अब लोग शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें अतिरिक्त धन बिल के साथ सर्विस टैक्स के तौर पर चुकाना पड़ रहा है।
उद्यमी विनोद गुप्ता (पिक इंडिया) ने बताया कि ऑनलाइन बिल जमा करने पर कुल बिल का एक प्रतिशत सर्विस टैक्स के तौर पर चुकाना पड़ता है। यह टैक्स क्रेडिट कार्ड और डेविड कार्ड दोनों से बिल चुकाने पर लग रहा है।
गुप्ता ने कहा कि डीएचबीवीएन को यह टैक्स हटाना चाहिए। विनोद गुप्ता ने कहा कि उद्योगों का बिल लाखों में आता है इस कारण हर महीने उन्हें हजारों रुपये का चूना लग रहा है। ऐसा रहा तो ऑनलाइन बिल चुकाना लोग बंद कर देंगे।
जीआईए के सचिव विशन मेहरीष ने कहा कि यह टैक्स हटना चाहिए। गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष परवीन यादव का कहना है कि सर्विस टैक्स का प्रावधान जल्द से जल्द हटा देना चाहिए। जिससे ऑनलाइन बिल पमेंट को बढ़ाव मिल सके।