कोविड-19 केकारण स्कूल मार्च से ही बंद हैं। ऐसे में पढ़ाई जारी रखने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से केंद्रीयकृत ऑनलाइन कक्षाओं की शुरुआत की गई थी। अब इन कक्षाओं के साथ-साथ स्कूल स्तर पर भी कक्षाओं की शुरुआत कर दी गई है। इन कक्षाओं के लिए स्कूलों को टाइम टेबल निर्धारित करना है। इसके तहत एक दिन में अधिकतम चार विषयों की 30-45 मिनट की कक्षाएं ही ली जाएंगी।
सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में अभी टीचिंग लर्निंग एक्टिविटी तीन स्तर मोड में चल रही है। नौवीं से बारहवीं के लिए लाइव ऑनलाइन कक्षाएं, छठी से आठवीं तक के बच्चों के लिए विषय आधारित वर्कशीट से, केजी से पांचवीं तक के लिए जेनरिक वर्कशीट के माध्यम से कक्षाएं हो रही हैं।
अब शिक्षा निदेशालय ने इन स्कूलों को नौवीं से बारहवीं कक्षाओं की टीचिंग लर्निंग एक्टिविटी को मजबूत और विस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को कहा गया है कि वह अपने स्तर पर भी टाइम टेबल तैयार कर ऑनलाइन कक्षाएं चलाएं। कुछ स्कूलों ने बुधवार से इसकी शुरुआत भी कर दी। अब तक प्रति सप्ताह 12 से 16 विषयों की ऑनलाइन कक्षाएं सेंट्रलाइज्ड तरीके से लग रही हैं।
अब स्कूलों को उन विषयों की कक्षाएं भी लगानी हैं जो सेंट्रलाइज्ड रूप में शामिल नहीं थे। स्कूल अपनी जरूरत के अनुसार विषय व अवधि का चयन कर सकते हैं। 30 से 45 मिनट की अधिकतम चार ऑनलाइन कक्षाएं ही लगेंगी, इसमें सेंट्रलाइज्ड कक्षाएं भी शामिल हैं। जिन छात्रों के पास इंटरनेट व मोबाइल की सुविधा नहीं है, उन्हें स्कूल ऑनलाइन कक्षा में पढ़ाए गए टॉपिक के प्रिंट आउट उपलब्ध कराएंगे।
राजकीय विद्यालय शिक्षक संगठन के जिला सचिव (पश्चिम) संत राम ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति काफी कम है। पचास बच्चों की क्लास में 13 से 15 बच्चे ही कक्षा लेते हैं। इसका कारण है कि सरकारी स्कूूल में पढऩे वाले काफी बच्चे गरीब वर्ग से होते हैं और माता या पिता में से किसी एक के पास ही फोन होने के कारण वह ऑनलाइन कक्षा का हिस्सा नहीं बन पाते।