तिहाड़ जेल नंबर तीन में शुक्रवार सुबह चोरी के आरोप में बंद एक विचाराधीन कैदी ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार वालों ने जेल में तैनात पुलिसकर्मियों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन कर रही है। फिलहाल एसडीएम मामले की जांच कर रहे हैं।
जेल प्रशासन के मुताबिक मृत कैदी की पहचान रघुवीर नगर निवासी गगन (19) के रूप में हुई है। तीन माह पहले राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने चोरी के मामले में गगन को गिरफ्तार किया था। वह जेल नंबर तीन में बंद था। शुक्रवार सुबह वह बाथरूम गया था। काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं आने पर जेलकर्मियों को शक हुआ और वह वहां पहुंचकर दरवाजा को खटखटाया। लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर उन लोगों ने दरवाजे को तोड़ा दिया। अंदर गगन शॉल की मदद से कुंडी से लटका हुआ था। उसे नीचे उतारकर जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी स्थानीय हरिनगर थाना पुलिस व गगन के परिवार वालों को दी गई। गगन के चाचा कन्हैया ने बताया कि परिवार में उसके पिता अशोक कुमार, मां और परिवार के अन्य सदस्य हैं। परिवार वालों ने जेल में तैनात पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि पुलिसकर्मी मुलाकात के लिए रुपये की मांग करते थे और गगन को इसके लिए परेशान करते थे।
कन्हैया के मुताबिक तीन दिन पहले उसकी मां जेल में मिलने गई थी। जिसमें गगन ने परेशान करने की बात कही थी। हालांकि जेल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया। मामले की जांच कर रहे एसडीएम ने परिवार वालों का बयान दर्ज कर लिया है।