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कुछ ऐसे ही गई थी मकसूद के भाई की जान

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एक मां के लिए इससे बड़ा दुख क्या हो सकता है कि उसके सामने ही उसके दो बेटों की अर्थी उठ जाए। गत मंगलवार को दिल्ली के चिड़ियाघर में सफेद बाघ के हमले में जान गंवाने वाले मकसूद की मां इशरत का हाल कुछ ऐसा ही है।
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इशरत का एक बेटा तो बाघ के हमले में मारा गया जबकि दूसरे बेटे की मौत एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी। दिल्ली आने से पहले इशरत अपने तीन बेटों के साथ कोलकाता में रहती थी।

इशरत बताती हैं कि उनका सबसे छोटा बेटा दो साल की आयु में एक कार के नीचे आ गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद इशरत अपने बेटों मकसूद और महमूद के संग दिल्ली आ गई। हालांकि इशरत के साथ यह घटना 15 साल पहले हुई थी।
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मां को छोड़कर कभी कहीं नहीं गया मकसूद

मकसूद के पिता महफूज कोलकाता में रहते हैं। मकसूद के माता पिता काफी समय से अलग रह रहे हैं। इशरत अब मकसूद के सौतेले पिता परदेसी के साथ रहती है।

मकसूद का भाई महमूद अब जयपुर में रहता है। महमूद बताता है कि वह साल 2011 में ही जयपुर रहने लगा था। महमूद वहां दिहाड़ी करता है। महमूद ने ये भी बताया कि मकसूद मां को कभी नहीं छोड़ता था।

वह दिल्ली में केवल मां की देखभाल करने के लिए ही रह रहा था। महमूद को मकसूद की मौत के बारे में मंगलवार रात में पता चला।

जैसे ही उसने समाचार चैनल पर चिड़ियाघर हादसे की ‌वीडियो देखी तुरंत ही बस पकड़ दिल्ली चल पड़ा। महमूद ने बताया कि उसने आखिरी बार मकसूद से दस दिन पहले बात की थी। दोनों भाइयों के बीच अक्सर फोन पर बात होती रहती थी।

मां के द‌िए पैसों से गया था च‌िड़‌ियाघर

मकसूद की पत्नी फातिमा जो सात माह के गर्भ से है घटना के समय कोलकाता में थी। उसने मकसूद के मौत की खबर टीवी पर देखी। फातिमा सहित उसके मां-बाप गुरूवार को दिल्ली पहुंचे।

फातिमा के मुताबिक उसकी मां और मकसूद की मां एक-दूसरे को तब से जानते हैं जब इशरत कोलकाता के नरकोलडांगा में रहती थी।
दोनों ही अच्छी सहेलियां हैं।

2012 में मकसूद की मां ने मकसूद के लिए फातिमा का हाथ मांगा। इसके बाद दोनों परिवार अजमेर शरीफ की दरगाह गए और दिल्ली में दोनों की शादी की रस्म हुई।

इशरत ने बताया कि मकसूद को इंडिया गेट, जामा मस्जिद और ‌चिड़ियाघर जाना पसंद था। उसने बताया कि सोमवार की रात मकसूद ने उसे 1000 रुपए दिए थे।

ये पैसे उसने दो हफ्तों की मजदूरी से कमाए थे। इशरत ने उसमें से 100 रुपए मकसूद को दे दिए थे। मकसूद की मां इशरत कहती है कि जरूर उन्हीं पैसों से टिकट खरीद वह चिड़ियाघर गया होगा।
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च‌िड़‌ियाघर की सुरक्षा के ल‌िए दायर जनह‌ित याच‌िका

बृहस्पतिवार को अदालत में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसके तहत दिल्ली सहित देश के अन्य चिड़ियाघरों में सुरक्षा व्यवस्था के जांच की मांग की गई है। वकील  सुनील कुमार ने यह जनहित याचिका दायर की है।

अपनी याचिका में उन्होंने अखबार की खबरों का हवाला देते हुए ऊंची रेलिंग, अधिक गार्ड्स, सु्रक्षा उपकरण, भागने के लिए सीढ़ी और बेहोश करने वाले बंदूकों के व्यवस्‍था की मांग की है।

इस याचिका पर सुनवाई अगले हफ्ते होने की संभावना है। याचिका में यह भी बताया गया है कि चिड़ियाघरों में आगंतुकों की सुरक्षा के लिए कोई नियम लागू नहीं किए गए हैं।
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