नई दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में पहली बार प्रत्यारोपण के लिए दिल, किडनी और लिवर को एकसाथ दान में लेकर अन्य अस्पतालों को भेजा गया। एम्स में दिल, आईएलबीएस में लिवर और आरएमएल में एक मरीज को किडनी प्रत्यारोपित की गई।
जानकारी के अनुसार अयोध्या निवासी 35 वर्षीय राजमनी एक जूते की फैक्टरी में काम करता है। होली के दिन अपने दोस्तों के साथ मस्ती करने के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोटें आई थी। 12 मार्च को डॉक्टरों ने मरीज को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
इस बीच मरीज के परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें अंगदान के बारे में बताया गया। परिजनों की मंजूरी के बाद आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने तीनों अंगों को लेकर तत्काल अन्य अस्पतालों में भेजा। इसके लिए पहले से ही अस्पताल की ओर से राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) को सूचित किया जा चुका था।
डॉक्टरों के अनुसार राजमनी ने का दिल एम्स में भर्ती एक मरीज को प्रत्यारोपित किया गया है। जबकि लिवर को आईएलबीएस में भर्ती एक मरीज को दिया है। डॉ. आरएमएल अस्पताल में न्यूरो विभाग के प्रमुख डॉ. हिमांशु महापात्रा ने बताया कि राजमनी छत पर होली खेल रहा था। इसी दौरान वह छत से नीचे गिर गया जिसमें उसे सिर पर गंभीर चोट लगी।
उन्होंने कहा ब्रेन डेड होने के बाद राजमनी के दो बच्चे, दो भाई व दोस्त अस्पताल आए और उन्होंने अंगदान करने की इच्छा जताई, जिसके बाद अंगदान की प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि ब्रेन डेड के बाद राजमनी के दोनों किडनी, हार्ट और लिवर को अलग-अलग मरीजों को दान कर दिया गया।
डॉ. हिमांशु महापात्रा ने बताया कि आरएमएल में पहली बार एक साथ कई अंगों को निकालकर प्रत्यारोपण के लिए भेजा गया। करीब एक साल अस्पताल में भर्ती एक मरीज के ब्रेन डेड होने के बाद डॉक्टरों ने उसका लिवर और किडनी प्राप्त किया था।