रबूपुरा के भीकनपुर गांव में शुक्रवार देर शाम मृतक कमल का शव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार करवाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने इंकार कर दिया। मांग की है कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घरों पर बुलडोजर चलने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। सूचना पर पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने में जुटे रहे।
भीकनपुर गांव में शुक्रवार सुबह ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी उड़ने व कार पर गिरने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। एक पक्ष ने मारपीट के बीच फायरिंग कर दी, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। इनमें घायल कमल की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम को कमल का शव गांव में पहुंचा। शव के पहुंचने से पहले गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, ताकि माहौल को बिगड़ने से रोका जा सके। शव पहुंचने के बाद परिवार और दलित समाज के लोगों में कोहराम मच गया। गुस्साए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।
परिजनों का कहना है कि मुख्य आरोपी रजत और प्रमोद अब तक फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। साथ ही आरोपियों के घर और कार्यालय पर बुलडोजर चलाया जाएगा। इसके बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने की बात कही। सूचना पर पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। वो बातचीत कर परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे है। परिजनों का कहना है कि रात हो चुकी है। रात में शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का भी हवाला दिया है। खबर लिखे जाने तक पुलिस परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही थी।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप, कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। घायल समय से अस्पताल पहुंचता तो उसकी जान बच सकती थी। आरोप है कि पीड़ित पक्ष की शिकायत को भी फाड़ दिया गया। इससे ग्रामीण व परिजनों में रोष है। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि इस तरह का कोई मामला नहीं हुआ था। तरह-तरह की अफवाह उठाई जा रही हैं।
पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था मृतक
ग्रामीणों ने बताया कि कमल बीए फाइनल ईयर का छात्र था। वो पढ़ने में काफी अच्छा था। पढ़ने के साथ ही वो पुलिस में भर्ती होने की भी तैयारी कर रहा था। अब उसकी शादी नहीं हुई हैं।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
'यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिला के गांव भीकमपुर, थाना रबुपुरा में दबंगों द्वारा एक दलित परिवार के साथ की गई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत व कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना अति-दुःखद एवं निंदनीय। सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ही पीड़ित परिवार की मदद जरूर करे।'
चंद्रशेखर ने भी कार्रवाई करने की मांग की
भीम आम्री के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने रबूपुरा घटना को लेकर एक्स पर एक पोस्ट की हैं। उन्होंने घटना पर दुख जताकर निंदा की है। प्रदेश सरकार से आरोपियों की गिरफ्तारी करने और घायलों का इलाज कराने कराने की मांग की हैं।
एक वर्ष पूर्व में भी हुई थी दलित समाज के एक युवक की हत्या
भीकनपुर गांव में पिछले वर्ष भी दलित समाज के एक युवक की हत्या की गई थी। 21 अक्तूबर को पूर्व प्रधान लखपत सिंह के बेटे ललित चाकू से 14 वार कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 5 दिन बाद खुलासा कर गांव के मनोज शर्मा के साथ उसे साले व दो शूटर को गिरफ्तार किया था। अवैध संबंध के शव में आरोपी मनोज ने शूटरों से हत्या को अंजाम दिलाया था। एक साल बाद फिर दलित समाज के युवक की हत्या के बाद से लोगों में काफी रोष है। उनका कहना है कि पूर्व घटना में भी ठीक से कार्रवाई नहीं की गई।