9 माह में आरोपियों ने आस्ट्रेलिया से भारत भेजे गए क्रेडिट कार्ड से करीब तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। हालांकि अभी कंपनी के पास कुछ क्रेडिट कार्ड की सूचना नहीं मिल पाई है। इससे यह आंकड़ा बढ़ सकता है। रकम को सुनील बेनीवाल के खाते में डाला जाता था और उससे हिस्सा ऑस्ट्रेलिया में बैठे ठगों को दिया जाता था।
क्रेडिट कार्ड पर नाम के अनुसार बदल लेते थे अपना लुक
अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक के फर्जी कार्ड से खरीदारी करने के लिए आरोपी अपना हेयर स्टाइल से लेकर अन्य लुक बदल देते थे और अंग्रेजी में बात करके बड़े शोरूम से आसानी से शॉपिंग कर लेते थे। एक क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने के लिए एक ही लुक रखते थे।
पुलिस के अनुसार, बीटेक के दोनों छात्र ऑस्ट्रेलिया का नागरिक दिखने के लिए बालों व दाढ़ी रंगवा लेते थे और चश्मे आदि लगाकर स्टाइलिश बनकर ही शोरूम में जाते थे। ज्यादातर महिला कर्मचारियों से ही ज्वेलरी खरीदते थे। क्रेडिट कार्ड पर नाम भी ऑस्ट्रेलियाई होता था और इंडिया में स्टडी वीजा पर आना बताया जाता था। अगर किसी क्रेडिट कार्ड की लिमिट कम होती थी तो शुरू में 20 से 50 हजार रुपये की खरीदारी करते थे और उसकी पेमेंट ऑस्ट्रेलिया से ही करा दी जाती थी। जब भी किसी को संदेह होता था तो पेन कार्ड दिखा दिया जाता था। क्रेडिट कार्ड व पेन कार्ड आदि पर एक ही फोटो देखने के बाद दुकानदार का संदेह खत्म हो जाता था। ज्वेलरी खरीदने के बाद नोएडा, दिल्ली सहित एनसीआर के दुकानदारों को 25 से 30 फीसदी तक कमीशन पर बेचकर नकदी ले लेते थे।
सरगना के पिता हरियाणा में सब इंस्पेक्टर हैं
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी मुख्य सरगना सुनील बेनीवाल के पिता हरियाणा पुलिस में सबइंस्पेक्टर हैं। जब क्रेडिट कार्ड से ज्वेलरी खरीदने की जांच हुई तो सामने आया कि क्रेडिट कार्ड का पता और नंबर व व्यक्ति सभी फर्जी हैं। इसके बाद नोएडा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। नोएडा पुलिस ने बैंक से कुछ साक्ष्य जुटाए जिसके बाद आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकी। सरगना सिल्वर क्रेडिट कार्ड बनवाता था जिसमें अधिक रकम की लिमिट मिलती थी और बड़ा खेल खेला जा सकता था। क्रेडिट कार्ड फर्जी न लगे इसके लिए भाई और उसके दोस्त के फोटो लगाकर आधार और पेन कार्ड तक उसी नाम से बनाकर भेज देता था।