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दिल्ली में प्रदूषण : पांच प्राधिकरणों पर एक-एक करोड़ का जुर्माना 

Fri, 01 Mar 2019 03:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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plastic pollution - फोटो : डेमो
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दिल्ली में नरेला, बवाना, पटपड़गंज, ओखला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के साथ अन्य खुले प्लॉट की जांच करने के बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने प्रदूषण की जिम्मेदार पांच प्राधिकरणों पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। 

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जिन पर जुर्माना लगा है उनमें दिल्ली राज्य औद्योगिक विकास निगम (डीएसआइआइडीसी), लोक निर्माण विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण, बाढ़ एवं सिंचाई विभाग शामिल हैं। सभी प्राधिकरणों को 7 मार्च तक जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। 

सीपीसीबी ने इन सभी प्राधिकरणों को उनके दायरे में आने वाले पार्क, इत्यादि में ही खुले में कचरा जलाए जाने, निर्माण और धवस्तीकरण मलबे के कुप्रबंधन, नाले में निर्माण और धवस्तीकरण मलबा डालने के लिए जिम्मेदार माना है। प्रदूषण बोर्ड ने कहा है कि बीते 31 अगस्त को एनजीटी के आदेश पर अमल करने के बाद संबंधित इलाकों में निरीक्षण किया गया था।
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इस निरीक्षण में शाहदरा ड्रेन, कस्तूरबा नगर ड्रेन, नरेला ड्रेन, भलस्वा लैंडफिल साइट स्थित ड्रेन, विवेक विहार इत्यादि जगह पर सभी नाले पूरी तरह मलबे और प्लास्टिक कचरे से चोक पाए गए। वहीं औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास ढलाव पर ही कूड़े के ढेरों को खुले में ही जलाया जा रहा था। इस तरह के होने वाले प्रदूषण पर रोकथाम की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की है। 

सभी एजेंसियां अपना दायित्व निभाने में विफल रही हैं। वहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी पर पूर्वी दिल्ली कैंपस में ग्रेडड रिस्पांस एक्शन प्लान को प्रभावी तौर पर न लागू करने के लिए जुर्माना लगाया गया है। 

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