एनएच-2 में घर के सामने खेलते समय 11 जुलाई की शाम लापता हुई सोनाक्षी (03) को पिता धीरज ने ही नहर में फेक कर मौत के घाट उतारा था। आर्थिक तंगी दूर करने के लिए उसने तांत्रिक के कहने पर बेटी को बहते हुए पानी में फेका था। डीएलएफ क्राइम ब्रांच टीम ने मासूम बच्ची के अपहरण और हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए धीरज को गिरफ्तार किया है। पुलिस धीरज को रिमांड पर लेकर वारदात के बारे में पूरी जानकारी जुटाएगी।
मालूम हो कि एक निजी बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी धीरज की बेटी 11 जुलाई की शाम लापता हो गई थी। धीरज ने पुलिस को बताया था कि वह स्कूटी में पेट्रोल डलवाने जा रहा था तो सोनाक्षी पीछे आने लगी। इस पर स्कूटी पर बैठा पार्क का एक चक्कर लगाने के बाद वह उसे घर के सामने छोड़कर चला गया था। करीब आधे घंटे बाद पत्नी ने फोन कर सोनाक्षी के लापता होने की बात बताई।
कोतवाली में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई गई, पुलिस रात भर बच्ची को खोजती रही। 12 जुलाई को सोनाक्षी का शव घर से करीब दस किलोमीटर दूर फतेहपुर स्थित गुरुग्राम नहर में मिला था। शव की हालत देख कर लगता था कि बच्ची की करीब बीस घंटे पहले डूबने से मौत हुई।
ब्लाइंड मर्डर की जांच में जुटी सीआईए डीएलएफ को धीरज पर तब शक हुआ जब वह बार बार बयान बदलने लगा। अपने ही बयानों में फंसे धीरज ने पुलिस के सामने आखिर सच्चाई बयान कर दी। कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर प्रीतपाल सांगवान ने बताया कि धीरज ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है।