आम दिन का पहला वीकेंड नोटबंदी पर भारी पड़ा है। शनिवार को एक लाख से अधिक दर्शक मेला देखने पहुंचे। हालांकि इस आंकड़े में बच्चों की संख्या शामिल नहीं है। दर्शकों की भीड़ से दुकानदारों के चेहरे की रौनक भी लौट आई है।
नोटबंदी के चलते बेशक दर्शकों के पास अधिक कैश नहीं है, लेकिन पेटीएम और स्वाइप कार्ड से शापिंग की दिक्कत दूर हो गई है। मेला प्रबंधन को उम्मीद है कि रविवार को यह आंकड़ा बढ़ेगा। मेला विशेषज्ञ का मानना है नोटबंदी की दिक्कत को पीछे धकेलते हुए भीड़ मेले में पहुंची और शापिंग भी की है।
लेकिन फिर भी करीब 15-20 फीसदी बिक्री में गिरावट जरूर दर्ज की जा रही है। प्रगति मैदान में आयोजित 36 वें ट्रेड फेयर में बिजनेस डेज में दर्शकों की अधिक भीड़ न होने के चलते दुकानदारों समेत मेला प्रबंधन भी मेले का रंग फीका मान रहा था।
इसी के चलते मेला प्रबंधन ने आम दिनों की टिकट के दाम कम करने के साथ 12 साल तक के बच्चों की एंट्री फ्री कर दी है। वीकेंड पर आमदिन में दर्शकों का आंकड़ा एक लाख दस हजार तक पहुंचने के चलते सबके चेहरे पर रौनक आ गयी है।
मेट्रो स्टेशन से लेकर प्रगति मैदान के गेट नंबर एक और दो पर टिकट के लिए 12 बजे के बाद दर्शकों की लाइन भी देखने को मिली। केरल पवेलियन में केरल डे की धूम रही। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
हरियाणा पवेलियन के दुकानदार राहुल ने बताया कि बेशक नोटबंदी का असर पड़ा है, लेकिन पेटीएम और स्वाइप से शांपिग की दिक्कत कम हुई है। मेला जनरल मैनेजर, आईटीपीओ, गुण शेखरन ने बताया कि नोटबंदी के चलते आम दिनों में दर्शकों के न पहुंचने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन शनिवार को पहले आम दिन एक लाख से अधिक दर्शक मेला देखने पहुंचे हैं। रविवार को और अधिक आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है, जिसके तहत तैयारियां की जा रही है।
आईटीओ तक मेट्रो, ट्रैफिक से मिली राहत
फरीदाबाद और गुड़गांव से आने वाले दर्शक सीधे आईटीओ मेट्रो स्टेशन में उतरकर मेले में पहुंच रहे थे। इसके चलते आईटीओ पर इस बार शाम को ट्रैफिक जाम की दिक्कत भी कम दिखी।