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सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

Tue, 11 Jul 2017 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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ऊं नम: शिवाय और हर-हर महादेव के उद्घोष से सोमवार को दिन भर शहर के शिवालय गूंजे। घंटों की आवाज और शंखनाद के बीच सावन के पहले सोमवार को भगवान शंकर की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। सुबह पांच बजे मंदिरों के पट खोल दिए गए। जलाभिषेक के लिए दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। शहर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
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पूरा शहर शिवमय रंग में रंगा नजर आया। पहले दिन शहर के सभी शिवालयों में हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान शिव की अराधना की। सुबह से जलाभिषेक के लिए शिवालयों के बाहर भक्तों का तांता लगा रहा।

अपनी बारी का लाइन में इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के बम-बम भोले के उद्घोष से चारों तरफ भक्ति रंग भर गया। सैनिक कॉलोनी स्थित शिव मंदिर पूजन की शुरुआत महादेव के अभिषेक के साथ की गई। अभिषेक में महादेव को जल, दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, गंगाजल, गन्ना रस आदि से स्नान कराया गया। यहां स्थित साढ़े 21 फुट के शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए दूर दराज से श्रद्धालु पहुंचे थे। इस मौके पर युवाओं की भी भारी भीड़ देखी गई।
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श्री सिद्धदाता आश्रम में भगवान शिव की मूर्ति का अभिषेक किया गया। मंदिर में सुबह से ही भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू हो गया। आश्रम में आने वाले भक्तों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी। तिकोना पार्क स्थित वैष्णव देवी मंदिर, रेलवे स्टेशन शिव मंदिर, पथवारी मंदिर, पांच नंबर शिव मंदिर, नाथी चौक स्थित मां दुर्गा मंदिर, एनएच-दो शिवालय, मथुरा रोड के हनुमान मंदिर एवं बांके बिहारी मंदिर में सर्वाधिक श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया।

शुभ है यह सावन
सावन माह की शुरुआत सोमवार से हुई है और समापन भी सोमवार को ही होगा। इसे पंड़ितो ने शुभ संयोग बताया है। तिथियों के घटने पर इस बार यह माह केवल 29 दिन का रहेगा। 18 जुलाई को नौंवीं व 10वीं तिथि एक ही दिन पडने से श्रावण मास में एक दिन की कमी आएगी। सावन का पहला सोमवार 10, दूसरा 17, तीसरा 24 व चौथा 31 जुलाई, पांचवा 7 अगस्त को है।

सावन के सोमवार का विशेष महत्व
आचार्य संतोष महाराज ने बताया कि सावन में भोले शंकर की पूजा करने से दैविक, दैहिक व भौतिक कष्टों से छुटकारा मिलता है। उन्होंने बताया कि इस तरह का योग कई वर्षो बाद पड़ा है। इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से सभी प्रकार की इच्छाएं पूरी होंगी। इस मास में महामृत्युंज्य मंत्र, रुद्राभिषेक, शिव पंचाक्षर स्तोत्र आदि के पाठ से लाभ मिलेगा। ओम् नम: शिवाय का जाप या महामृत्युंज्य का पाठ अवश्य करना चाहिए।

कांवड लाने की तैयारी में जुटे भक्त
सावन का महीना शुरु हो चुका है और इसके साथ ही भोले के भक्तों में नया जोश और उमंग भरना शुरू हो चुका है। शिव भक्त कांवड़ यात्रा के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं। हाईवे और बाईपास से कांवडिय़ों के जत्थे हरिद्वार के लिए रवाना होते देखे जा सकते हैं। हाईवे और बाईपास पर कांवड़ सेवा शिविर लगाने की तैयारियां की जा रही हैं।
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