इससे साबित भी हो सकेगा कि दिमागी तौर पर तनाव को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो यह कई लोगों की जान ले सकता है। हालांकि, इस घटना को कल्ट सुसाइड से जोड़कर भी देखा जा रहा है। डॉ. ढ़िकव बताते हैं कि कल्ट सुसाइड एक तरह से हार्ड लाइनर होता है, जो अध्यात्म से जुड़ा होता है और किसी बहकावे में आकर जीवनलीला समाप्त करना होता है।
इतिहास में चुनिंदा हैं ऐसी घटनाएं
मास सुसाइड की बात करें तो इतिहास में चुनिंदा घटनाएं ही ऐसी हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, भारत में कोई सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, लेकिन कई वर्ष पहले देहरादून में एक ही परिवार के 10 लोगों के आत्महत्या की घटना सामने आई थी। दिल्ली में मिले 11 शव देश की सबसे बड़ी घटना हो सकती है।
जबकि एक ही परिवार के चार से पांच या छह से सात लोगों के आत्महत्या करने की कई घटनाएं देखने को मिलती हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, आत्महत्या की घटनाएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। वर्ष 2012 में देश में करीब 90 हजार सालाना आत्महत्याएं हो रही थीं, जो कि वर्ष 2017 में बढ़कर एक लाख 70 हजार पर पहुंच चुकी है।
सरकारी रिपोर्ट में आत्महत्या की स्थिति
वर्ष देश दिल्ली
2015 1,33,623 1845
2016 1,43,121 1910
2017 1,70, 312 2070