इसके अलावा इस साल 20 फरवरी को संघ प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम के दौरान वह लखनऊ में नजर आए। सूत्रों ने बताया कि राज्य विधानसभा चुनाव जीतने के बाद माथुर से संगठन या सरकार की नीतियों के संदर्भ में कोई राय नहीं ली गई। इससे आहत हो कर उन्होंने बीते नेतृत्व नेतृत्व के समक्ष प्रभारी पद छोडने की इच्छा जताई।
बताते हैं कि माथुर का संगठन के ही एक वरिष्ठ अधिकारी से गहरे मतभेद हैं। विधानसभा चुनाव के पूर्व भी उम्मीदवारों का पैनल तैयार करने के मामले में मतभेद बहुत बढ़ गया था।