लीवर ट्रांसप्लांट के बाद छोटे भाइयों के साथ।
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मंगोलिया के 38 साल के युवक की जान दो छोटे भाइयों ने लिवर का बराबर का हिस्सा देकर बचाई है। मरीज का वजन ज्यादा होने की वजह से डॉक्टर को दोनों भाइयों के लिवर का बराबर हिस्सा लेकर लिवर ट्रांसप्लांट करना पड़ा। सर्जरी होने में 16 घंटे का समय लगा।
अब मरीज पूरी तरह से ठीक है। यह सर्जरी नोएडा के जेपी अस्पताल में हुई है। लिवर में दिक्कत आने पर 130 किलो मंगोलिया का मरीज नोएडा के जेपी अस्पताल में इलाज के लिए आया था। लिवर ज्यादा खराब होने की वजह से डॉक्टरों ने परिवार को लिवर ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी।
सीनियर लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉक्टर अभिदीप चौधरी ने बताया कि ये दुर्लभ सर्जरी है। पुरेवसुरेन दोरजी का लिवर जून 2016 में खराब हो गया था। सामान्य लिवर ट्रांसप्लांट केस में एक ही डोनर के लिवर का हिस्सा लेकर सर्जरी की जाती है, लेकिन इस मरीज के बढ़े हुए वजन की वजह से उसके शरीर के लिवर का आकार भी सामान्य व्यक्ति से अधिक था।