घनी अबादी में तब्दिल हो गई पुरानी दिल्ली को एक बार फिर से संवारने की मुहिम शुरू हो गई है। ट्रैफिक, पार्किंग, जर्जर बिल्डिंग, व्यवसायिक व आवासीय इलाकों को कैसे संवारा जाए इसपर गहन मंथन किया जा रहा है।
इसके लिए स्थानीय निवासियों से भी परामर्श किया जा रहा है ताकि मास्टर प्लान 2041 में बेहतर इलाके के रूप में विकसित किया जा सके। इसे लेकर डीडीए ने ऑनलाइन सावर्जनिक बैठक की।
पिछले दिनों आयोजित बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान ने दिल्ली के विशेष क्षेत्र वाल्ड सिटी (चारदीवारी शहर) के निवासियों, आरडब्ल्यूए और व्यापारी संगठनों के विचार विमर्श किया। वाल्ड सिटी के अलावा पहाड़गंज, करोल बाग, सदर बाजार, सब्जी मंडी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भी ऑनलाइन बैठक में भाग लिया। नागरिक सुविधाओं में सुधार लाने पर सुझाव साझा किया गया।
बैठक में शामिल लोगों ने विरासत वाले क्षेत्र को संरक्षण देने के साथ ही आधारिक संरचना को बेहतर बनाने, ठोस अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन करने, सफाई और खुले स्थल बनाने पर भी जोर दिया। क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके इसके भी समाधान पर चर्चा की गई।
आवासीय क्षेत्र के साथ व्यापारिक गतिविधियों को चलाना भी चुनौतीपूर्ण बताया। पुरानी आधारिक संरचना, भीड़-भाड़ और पार्किंग सुविधाओं की कमी में सुधार लाने की बात की गई। पुनर्विकास योजना और दिल्ली के विशेष क्षेत्र में वार्ड स्तरीय स्थानीय क्षेत्र योजना को समय से तैयार करने का सुझाव डीडीए को दिया गया।
व्यापारी संगठनों के साथ परामर्श में इन संगठनों ने पुराने शहर सदर बाजार, चांदनी चौक जैसे थोक बाजार के क्षेत्रों में खासतौर पर दिन के समय माल लादने-उतारने के लिए एक विशेष स्थल बनाने का सुझाव दिया। डीडीए अधिकारियों ने बताया कि विचार मांगने व समस्याओं को समझने के लिए पब्लिक पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल पर भविष्य के बारे में अपने विचार साझा कर सकते हैं।
इसी तरह एक अन्य बैठक में ग्रुप हाउसिंग और अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों से भी बेहतर विकास को लेकर मशवरा लिया गया। दिव्यांगजनों का भी सुझाव लिया जाएगा। मास्टर प्लान 2041 में समावेशी सिटी के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। रैंप और पहुंच योग्य शौचालयों के निर्माण को तरजीह दी जाएगी।