ठंठ का मौसम शुरू होते ही ओखला पक्षी विहार में प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ने लगी है। पिछले महीने इनकी संख्या 1035 थी और पिछले सप्ताह 5000 हुई तो अब इनकी संख्या 10 हजार पहुंच चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले वर्षों की अपेक्षा इस साल प्रदुषण के बावजूद ओखला पक्षी विहार में पक्षियों की संख्या ज्यादा रहेगी। भारतीय पक्षी लिटिल टर्न पहले से ही दस्तक दे चुके हैं और भी पक्षी आने हैं। क्योंकि चार किलो वर्ग र्मीटर में फैले यमुना पक्षी विहार जलीय पक्षियों की फेवरेट जगह के रूप में है।
अभी तक सबसे ज्यादा आने वाले पक्षी नादर्न सोब्लर हैं। हैरत में डालने वाली बात है कि जब पक्षी प्रवास के लिए निकलते हैं तो ये अकेले नहीं बल्कि हजारों की संख्या में दल बनाकर आते हैं।
वर्ड वाउचर सचिन गौर ने बताया कि अक्टूबर व नवंबर में पहाड़ी इलाकों में ठंठ के कारण बर्फ पड़ती है, जिससे पक्षियों को खाने व रहने की समस्या होती है। पक्षी मैदानी इलाकाें में अपना ठिकाना खोजते हैं।
पक्षियों को ध्यान में रखकर ओखला पक्षी विहार में सुबह टहलने वाले लोगों को सुबह सात बजे तक ही मुफ्त में सुविधा दी जा रही है। सात बजे के बाद टिकट लेकर इसमें घूमा जा सकता है। पक्षी विहार में साफ सफाई और बैठने की व्यवस्था की गई है।
अंदर सभी प्रकार के वाहनों पर भी रोक लगा दी है । इसके साथ-साथ कई साल से धूल फांक रहीं साइकिलों को भी ठीक ठाक करवाया जा रहा है। इन साइकिलों से ही पक्षी प्रेमियों को सैर कराई जाएगी।
हालांकि प्रदूषित पानी से पक्षियों की जान को खतरा भी बना हुआ है। ओखला पक्षी विहार में पानी की साफ सफाई का कोई खास इंतजाम नहीं है और काटे गए पौधे भी पानी में सड़ने के कारण ये पानी लंबे चोंच वाले पक्षियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
ओखला पक्षी विहार में बढ़ रही पक्षियों की संख्या वन विभाग की टीम के लिए अच्छी खबर है। इसमें निगरानी रखने और पक्षियों की सुविधाओं को ध्यान रखने की जरूरत है।
रेंजर आफिसर ईश्वर चंद ने बताया कि जल्द ही वह अपनी पूरी टीम के साथ पक्षी विहार के अंदर का पूरा भ्रमण करेंगे और नए आए पक्षियों के बारे में और भी जरूरी जानकारी एकत्र करेंगे। उन्होंने पक्षियों की अभी तक की संख्या 10 हजार से ऊपर होने की उम्मीद जताई है। इनकी शीघ्र ही गिनती की जाएगी।