उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी दमयंती बेन के साथ हुई झपटमारी के बाद अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुरक्षा में हुई लापरवाही के आंकलन में लगे हैं।
वीवीआईपी इलाके में बैगर हेलमेट लगाए आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए और किसी ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया। अब अधिकारी उस दिन सुबह के समय ट्रैफिक और लोकल पुलिस के अलावा पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी व उनकी लोकेशन का पता लगा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई संभव है।
नशे की लत पूरी करने के लिए दिया वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में आरोपी गौरव उर्फ नोनू ने बताया कि शनिवार तड़के वह आकाश उर्फ बादल के साथ नशे की पुड़िया खरीदने के लिए सदर बाजार इलाके में गया था, लेकिन दोनों के पास रुपये नहीं थे। इसलिए दोनों ने पहले झपटमारी कर रुपयों का जुगाड़ करने की ठानी। दोनों एक साथ ही हेलमेट लगाकर झपटमारी करते थे, लेकिन शनिवार को दोनों बगैर हेलमेट के ही झपटमारी करने पहुंच गए।
दमयंती बेन से पर्स लूटने के बाद आरोपी सदर बाजार वापस पहुंचे और उन्होंने लूटे गए रुपयों से पुड़िया खरीदी और वापस सुल्तानपुरी भाग गए। नोनू ने बताया कि वह 10 साल की उम्र से नशा कर रहा है। 12 साल की उम्र में उसने जेबतराशी शुरू कर दी थी। 16 साल की उम्र में पुलिस ने उसे झपटमारी के आरोप में पकड़ा भी था। बालिग होने के बाद उस पर झगड़े का एक मामला दर्ज हुआ।
झपटमारी के मामले में बालिग होने के बाद नोनू पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा है। गौरतलब है कि शनिवार सुबह प्रधानमंत्री की भतीजी दमयंती बेन ऑटो से जा रही थी। स्कूटी सवार दो बदमाशों ने उनसे पर्स झपट लिया था, जिसमें उनके मोबाइल, घड़ी व दस्तावेज थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है।