पिछले 5 सालों में इस बार गुरुग्राम की दिवाली सर्वाधिक स्वच्छ रही। इसीलिए यह भी लगा कि अगर सुप्रीम कोर्ट के आतिशबाजी से जुड़े आदेश की अगर कहीं पालना हो रही है तो वह यहीं है। लेकिन इस राहतकारी तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है जो शायद कम चिंताजनक नहीं है।
बताया जा रहा है कि इस बार भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) और पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5 और पीएम 10) दिवाली के अगले दिन सुबह तेजी से बढ़ गया। यानी गुरुवार के दिन। इसकी हालत उतनी ही बुरी थी जितनी की पिछली बार की दिवाली पर थी।
इस बार गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 212 रिकॉर्ड किया गया, जो पिछली बार 283 था। यानी बुरा। यही नहीं दिवाली के अगले दिन एक्यूआई 389 तक जा पहुंचा। यानी बेहद बुरा।
इसी तरह गुरुवार की सुबह 6 बजे पीएम 10 का स्तर प्रति क्युबिक मीटर 622 माइक्रोग्राम रिकॉर्ड किया गया। और पीएम 2.5 का प्रति क्युबिक मीटर स्तर 512 माइक्रोग्राम रहा। गुरुवार की सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक वर्ग में पहुंच गया था। शाम होते-होते इसमें और भी गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी का कहना है कि बार दिवारी पर प्रदूषण के स्तर में कमी आई है । क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन चाक-चौबंद था ताकि प्रदूषण के मानव जनित कारकों पर कम किया