आम आदमी पार्टी पंजाब विधानसभा व दिल्ली नगर निगम उपचुनाव सहित अन्य चुनावों में इस बार के सम विषम कार फॉमूले के जरिये आगामी राजनीतिक गति पाने की कोशिश में है।
दरअसल, पंजाब में नशे व भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर चल रही आप इसकी सफलता को दृढ़ इच्छाशक्ति से मिली कामयाबी के रूप में प्रस्तुत करेगी। इसी कड़ी में इस बार उसने इस अभियान की सफलता के लिए पूरी ताकत झोंक दी है, ताकि आने वाले समय में इसे हर माह 15 दिन लागू कर दिया जाए।
इससे पहले जनवरी में 15 दिन का सम विषम फॉर्मूला कामयाब हुआ तो राजनीतिक गलियारों सहित देश भर के लोगों में यहां तक कि विदेशों में भी इसकी चर्चा रही। थोड़ी परेशानी झेलने के बावजूद जाम मुक्त हुई दिल्ली पर राजधानीवासी भी बहुमत में इसे लागू करने के पक्ष में दिखे।
AAP को पंजाब विधानसभा चुनाव में भारी उम्मीद
लोकसभा चुनाव में पंजाब में चार सीट लेने वाली आम आदमी पार्टी को अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में भारी उम्मीद है। विपक्ष भी वहां इन्हें हल्के में नहीं ले रहा है।
एसवाईएल व दिल्ली के शीशगंज गुरुद्वारे के प्याऊ तोड़ने के मामले में आप पर सिख व पंजाब विरोधी होने का आरोप अकाली-भाजपा सरकार व कांग्रेस लगा रही हैं। आप से अलग हुए योगेंद्र यादव की पार्टी स्वराज अभियान भी पंजाब चुनाव में उतरने की तैयारी में है।
नगर निगम की 13 सीटों पर मई में होने वाले चुनाव परिणाम से एक साल पूरा कर चुकी दिल्ली की आप सरकार का दिल्लीवासियों में ताजा लोकप्रियता का पैमाना मापा जाएगा।
AAP के लिए जरूरी है ऑड-इवन की सफलता
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
इन सभी स्थितियों में आप की सरकार के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूले की सफलता जरूरी है। इसी स्थिति को भांपते हुए प्रदेश भाजपा व कांग्रेस ने स्कूली बच्चों को छोड़ने जाने व लौटने के समय छूट न देने को मुद्दा बनाया है तो वह सम विषम को जनता को परेशान करने वाला बता रही हैं।
जबकि आप की योजना है कि इस फॉर्मूले की कामयाबी पर यह बताया जाएगा कि दिल्ली सरकार जनता के हित में जो करना चाहे कर सकती है। यानी पंजाब में नशा मुक्ति व भ्रष्टाचार रोकने के ठोस कदम उठाए जाएंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार आगामी चुनावों में इसकी कामयाबी से संबंधित होर्डिंग, बैनर व पोस्टर भी देखने को मिल सकते हैं।