फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में लागू हो सकता है ऑड-ईवन, दुपहिया और महिला चालकों पर होगा पुनर्विचार

Mon, 13 Nov 2017 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
ऑड ईवेन से जूझती जनता - फोटो : self
विज्ञापन
सम विषम पर दिल्ली सरकार के यू-टर्न के बाद एक बार फिर सोमवार को सबकी निगाहें एनजीटी पर होंगी। दिल्ली सरकार एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। इसमें बाइक चालकों व महिलाओं को छूट न देने के एनजीटी के आदेश के समीक्षा की मांग की जायेगी।
विज्ञापन


सरकार की याचिका पर एनजीटी के रूख के बाद सम विषम का भविष्य तय होगा। उधर, उपराज्यपाल ने पहले ही सम विषण को मंजूरी देते समय कह चुके है कि इसे एनजीटी के आदेशों के हिसाब से ही लागू होगा।

इससे पहले दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए सोमवार से सम विषम लागू करने का फैसला लिया था। लेकिन शनिवार को एनजीटी ने सरकार की वाहन चालकों के छूट देने के फार्मूले को खारिज करते हुये सम विषम योजना लागू करने की मंजूरी दी थी। इससे महिलाओं के साथ बाइक सवार भी सम विषम के दायरे में आ गये थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुपहिया को इसलिए किया शामिल

odd even - फोटो : अमर उजाला
एनजीटी की शर्तो से सरकार बैकफुट पर आ गई। उसकी मौजूदा परिवहन व्यवस्था मुसाफिरों को इतना भार उठाने को तैयार नहीं है। सरकार ने महिला सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की तैयारी पूरी नहीं होने की बात करके इससे पीछे हट गई।

अब सोमवार को दिल्ली सरकार एनजीटी के सामने दुपहिया और महिला चालकों को छूट वाली पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। इस पर एनजीटी के रूख से यह तय होगा कि यह सम विषम होगा की नहीं।

एनजीटी ने सम विषम में दुपहिया को शामिल करने के लिए कानपुर आईआईटी के उसी रिपोर्ट का हवाला दिया है जिसके आधार पर सरकार सम विषम लागू करने की बात कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में प्रदूषण का 20 फीसदी कारण वाहन है।

इन 20 फीसदी में 46 फीसदी हिस्सा अकेले दुपहिया और ट्रकों से होता है। इसमें दुपहिया का हिस्सा 30 फीसदी है। यानि दुपहिया प्रदूषण का बड़ा कारण है। एनजीटी ने उसी रिपोर्ट के आधार पर 63 लाख बाइक को सम विषम से छूट देने के लिए तैयार नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें