शादी के ढाई वर्ष बाद भी पत्नी को सिंदूर न लगाने देने और अपने परिवार से न मिलवाने पर पति-पत्नी के बीच रार इतनी बढ़ी कि मामला अब जिला प्रोबेशन विभाग तक पहुंच गया है।
पीड़िता ने पति के खिलाफ महिला कल्याण विभाग में शिकायत की है। पति मोहन (काल्पनिक नाम) उससे तलाक चाहता है, जबकि पीड़िता पति के साथ ही रहना चाहती है।
पीड़िता सरिता (काल्पनिक नाम) ने शिकायत की है कि वर्ष 2014 में उसने मोहन से आर्य समाज मंदिर में शादी की थी। बाद में कोर्ट मैरिज भी की।