राजधानी दिल्ली में बृहस्पतिवार को 1700 निजी स्कूलों में दो लाख सीटों पर नर्सरी दाखिले की रेस शुरू हो गई। पहले ही दिन अभिभावक स्कूल दर स्कूल भटकते दिखे। कोविड-19 संक्रमण से बचाव के चलते अभिभावकों को उम्मीद थी कि आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने का मौका मिलेगा। हालांकि अधिकर स्कूलों ने ऑफलाइन आवेदन पत्र भरने को तबज्जो दी है। वहीं, नर्सरी दाखिला आवेदन विंडो ओपन होने के साथ निजी स्कूल प्रबंधन के मनमाने नियम से अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
राजधानी दिल्ली में अपने बच्चे को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलवाने के लिए सुबह ही अभिभवक स्कूलों के बाहर पहुंचने शुरू हो गए थे। अभिभावक दो से पांच स्कूलों के आवेदन पत्र भर रहे हैं, ताकि कहीं तो उनके बच्चे को सीट मिले। मयूर विहार 3 स्थित विद्या बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सुबह से अभिभावक गेट के बाहर लाइन लगाकर खड़े नजर आए। यहां स्कूल स्टॉफ अभिभावकों को दाखिले से जुड़ी जानकारियां देता रहा।
25 की बजाय आवेदन पत्र के 325 रुपये मांग रहा स्कूल
नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा के मुताबिक, दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने अपनी नर्सरी दाखिला गाइडलाइन में दाखिले केलिए आयु सीमा का नियम लागू कर रखा है। इसके तहत 31मार्च 2021 के आधार पर बच्चे की आयु की गणना होगी। हालांकि पूर्व में जारी एक आदेश के तहत उम्र में एक महीने की छूट का भी प्रावधान है। लेकिन स्कूल प्रबंधन इस नियम को मान ही नहीं रहे हैं।
जबकि नियमों के तहत जब तक दूसरा आदेश जारी न हो, पूर्व में जारी नियम लागू रहता है। इसके अलावा कई स्कूल बच्चे आधार मांग रहे हैं, जोकि नियमों के तहत नहीं मांगा जा सकता है। ऐसे ही पश्चिम विहार के एक नामी स्कूल की पेरेंट ने शिकायत दी है। शिक्षा निदेशालय ने 25 रुपये आवेदन पत्र की निर्धारित की है। जबकि उक्त स्कूल अभिभावक से 325 रुपये की मांग कर रहा है।
दाखिले में आयु सीमा का नियम भी होगा लागू
नर्सरी दाखिला प्रक्रिया में आयु सीमा का नियम लागू होगा। इसके तहत 31मार्च 2021 के आधार पर बच्चे की आयु की गणना होगी। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने अपनी गाइडलाइन में इसकी जानकारी दी है। आयु सीमा के लिए तैयार फार्मुले के मुताबिक, 3 साल से अधिक व 4 साल से कम उम्र के बच्चे को नर्सरी, 4 से अधिक व 5 साल से कम उम्र के बच्चे को केजी और 5 साल से अधिक व 6 साल से कम उम्र के बच्चे को पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा सकेगा। इसके अलावा आयु सीमा में एक महीने की छूट देने का भी प्रावधान है।